सिविल लाइंस में स्पा व मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट संचालन का भंडाफोड़ होने के बाद इन सेंटरों को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। शहर में गली-गली में स्पा व मसाज पार्लर का संचालन किया जा रहा है और इसके लिए बनाए गए नियम-निर्देश ठेंगे पर रख दिए गए हैं।
पुलिस के साथ ही अन्य जिम्मेदार विभाग इन्हें लेकर आंखें मूंदे रहते हैं और इसका ही फायदा इसका संचालन करने वाले उठाकर अनैतिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि सिर्फ सिविल लाइंस क्षेत्र की बात करें तो यहां लगभग दो दर्जन स्पा व मसाज पार्लर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से एक या दो को छोड़कर किसी के पास भी आयुर्वेदिक थेरेपी का लाइसेंस नहीं है।
जबकि स्पा व मसाज एक तरह से आयुर्वेदिक थेरेपी ही है। लाइसेंस न लेने के साथ इन सेंटरों में अन्य नियमों व निर्देशों का भी खुलेआम उल्लंघन किया जाता है। न तो प्रशिक्षित स्टाफ रखा जाता है और न ही अन्य मानकों का पालन किया जाता है।
यह हैं नियम-निर्देश
- क्रॉस जेंडर मसाज की सेवा देने पर पूरी तरह से रोक है। इसका मतलब है कि अगर मसाज करने वाला पुरुष है तो वो पुरुष ग्राहक को ही मसाज कर सकता है। महिला व पुरुष दोनों के लिए मसाज की अलग अलग व्यवस्था होनी चाहिए।
- जो व्यक्ति मसाज कर रहा है, उसके पास फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर आदि में डिप्लोमा या डिग्री होना आवश्यक है। इसके बाद ही व्यक्ति को मसाज करने की अनुमति दी जाएगी।
– मसाज पार्लर में सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल करवाना आवश्यक है। पिछले तीन महीने तक की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखना अनिवार्य है ताकि जांच कभी भी की जा सके।
– मसाज पार्लर में महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग अलग सेक्शन होने चाहिए और उनकी इंट्र-इग्जिट भी अलग होनी चाहिए। दोनों स्थलों में कोई भी इंटर कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
– स्पा और मसाज पार्लर में कोई भी सर्विस दरवाजे लॉक करने के बाद नहीं दी जा सकती है। यानी दरवाजों को भीतर से बंद नहीं कर सकते।
– स्पा और मसाज पार्लर में लगने वाले गेट में अंदर की तरफ कोई भी चेन आदि नहीं होनी चाहिए, जिससे कि गेट को अंदर से बंद किया जा सके।
– जो भी ग्राहक मसाज पार्लर में आते हैं, उनकी आईडी लेना आवश्यक है और विवरण भी एक रजिस्टर में दर्ज किया जाना चाहिए।
– ऐसे सेंटर को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक ही खोला जा सकता है।