इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के तीन बार के विधायक इरफान सोलंकी को जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि कानून बनाने वाले को कानून तोडऩे वाला नहीं बनने दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा याची का 15 केसों का लंबा आपराधिक इतिहास है। कानून बनाने वाले ने कानून तोड़ा और कानून अपने हाथ में लिया। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा करने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह ने इरफान सोलंकी की अर्जी पर दिया है । सरकार की ओर से देवेश तिवारी ने पक्ष रखा। याची पर अपने भाई व साथियों सहित शिकायत कर्ता के घर में आग लगाने व तीन लोगों की हत्या करने का आरोप है। ऐसा उसने शिकायत कर्ता की जमीन हथियाने के लिए आपराधिक षड्यंत्र करके किया है। सात नवंबर को शिकायत कर्ती शादी में गई थी। उसके पति व दो बच्चों की हत्या कर दी गई। इससे पहले कई बार याची व साथियों ने जमीन खाली करने की धमकी दी थी। जले सामान को फारेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।