सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान झूंसी में पकड़े गए सॉल्वर गैंग पांच महिला अभ्यर्थियों को भी नकल कराने की तैयारी में था। सरगना विजयकांत समेत गैंग के पांच सदस्यों ने इन्हें परीक्षा पास कराने के साथ-साथ भर्ती में चयनित कराने का भी ठेका लिया था। इसका खुलासा तब हुआ जब पांचों के एडमिट कार्ड बरामद हुए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, झूंसी में साॅल्वर गिरोह के सदस्य दो कारों में पकड़े गए थे। इनमें से निसान मैगनाइट से पकड़े गए दो लोगों के कब्जे से कुल आठ एडमिट कार्ड बरामद हुए। इनमें से पांच महिला अभ्यर्थियों के थे। इनके नाम क्रमश: कविता सिंह, विमला, अंजली सिंह, शीलू व रोहणी देवी हैं। सूत्रों का कहना है कि नकल गिरोह के सदस्य इन पांचों अभ्यर्थियों को भी नकल कराने की तैयारी में थे। इन अभ्यर्थियों से भी उनकी डील हुई थी। फिलहाल पुलिस उन अभ्यर्थियों के बारे में और जानकारी नहीं जुटा पाई है। न ही गिरोह के सदस्यों ने उनके बारे में कुछ बताया।
जाली एडमिट कार्ड भी रखते हैं तैयार
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सॉल्वर गिराेह के सदस्य ब्लूटूथ ईयर बड व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने के साथ ही प्लान बी भी तैयार रखते थे। इसके तहत योजना गड़बड़ाने पर वह सॉल्वर बनकर अभ्यर्थी की जगह परीक्षा में बैठ जाते थे। दरअसल गिरोह के गिरफ्तार किए गए सरगना विजयकांत पटेल, विकास कुमार, निगम पटेल और मनीष पटेल से मूल अभ्यर्थियों के नाम वाले जाली एडमिट कार्ड भी बरामद हुए हैं। इनमें नाम तो अभ्यर्थियों का है लेकिन तस्वीर गिरोह के सदस्यों की है। पूछताछ में पुलिस को उन्होंने बताया है कि जाली एडमिट कार्ड का इस्तेमाल वह तब करते हैं जब सख्ती के चलते अभ्यर्थी ईयर बड व डिवाइस भीतर नहीं ले जा पाते।
मौके से भाग निकले तीन सदस्य
कार्रवाई के दौरान गिरोह के तीन सदस्य पवन पटेल, जीतेंद्र व सुभाष भाग निकले। दरअसल अन्य पांच सदस्य दोनों कारों के भीतर बैठे थे जबकि यह तीनों बाहर थे। पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपी भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि साॅल्वर गिराेह के फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है।