महाकुंभ के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के सबसे बड़े ड्रीम प्रोजेक्ट रोप-वे का निर्माण अंतत: शुरू हो गया। इस परियोजना के तहत संगम पर केबल कार चलाने के लिए पांच जगहों पर टॉवर लगाने के लिए स्वायल टेस्टिंग (मिट्टी की जांच) कर ली गई है। अब पाइलिंग कराई जाएगी। यह पहला रोपवे है जिसका निर्माण हाईब्रिड एन्युटी मोड पर कराया जाएगा। संगम पर रोपवे के लिए दो स्टेशनों का निर्माण कराने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
अरैल में त्रिवेणी पुष्प परिसर में रोपवे के पहले स्टेशन के निर्माण के लिए टॉवर लगाया जाएगा। दूसरा स्टेशन शंकर विमान मंडपम के पास बनेगा। अरैल सेे शंकर विमान मंडपम के बीच कार्यदायी संस्था नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड की ओर अरैल में त्रिवेणी पुष्प से लेकर शंकर विमान मंडपम के बीच पांच जगह टॉवर निर्माण के लिए स्वायल टेस्टिंग कराई गई है। अब जल्द ही टॉवर निर्माण आरंभ होगा। इस परियोजना को महाकुंभ से पहले पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। अफसरों का दावा है कि महाकुंभ के पहले संगम पर केबल कार चलने लगेगी।
एनएचएलएम की ओर से रोपवे निर्माण रंभ करा दिया गया है। हाईब्रिड एन्युटी मोड पर इसे बनाया जा रहा है। त्रिवेणी पुष्प से शंकर विमान मंडपम के बीच 2200 मीटर लंबे रोपवे का निर्माण कराया जाएगा। 251.05 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को लेकर पीडीए के अफसर उत्साहित हैं। अफसरों के मुताबिक शंकर विमान मंडपम से त्रिवेणी पुष्प के बीच केबल कार का आनंद श्रद्धालु महाकुंभ से पहले लेने लगेंगे। शंकर विमान मंडपम से अरैल की दूरी महज पांच से सात मिनट में तय की जा सकेगी। फिलहाल इसके संचालन का स्वरूप अभी तय नहीं हो सका है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण की निगरानी में इस परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट के जरिये संगम पर आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। टिकट की दरें और इसके संचालन का स्वरूप अभी तय नहीं हो सकेगा। अफसरों का कहना है कि निर्माण पूरा होने से पहले ही इसका खाका खींच लिया जाएगा। फिलहाल निर्माण के बाद कुछ दिनों तक कार्यदायी एजेंसी नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड की इसका संचालन कराएगा। इसके बाद पीडीए को यह परियोजना हस्तांतरित कर दी जाएगी।