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अपनी ही कहानी में उलझी भाई को गोली मारने वाली किशोरी, बार-बार बयान बदलने से गहराया शक

Wed, 11 Nov 2020 12:58 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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नैनी के चकरघुनाथ मुहल्ले में छात्र को गोली मारने की घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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चकरघुनाथ मोहल्ले में भाई पर पिस्टल से गोलियां दागने वाली किशोरी अपनी ही गढ़ी कहानी में उलझकर रह गई। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों व बार-बार बयान बदलने से वह शक के घेरे में आ गई। फिर हर बीतते पल के दौरान सामने आए तथ्यों से पुलिस का शक उस पर और गहरा होता चला गया। जिसके बाद उसने अपना जुर्म भी कबूल लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मौके पर पहुंचे सीओ व नैनी इंस्पेक्टर ने पूछताछ शुरू की तो किशोरी ने बताया कि हमलावर गहने लूट ले गए हैं। पहले बताया कि उन्होंने लॉक तोड़कर गहने निकाले। हालांकि कुछ देर बाद बताया कि उन्होंने चाबी छीनकर गहने लूटे। पुलिस को पूछताछ के दौरान किशोरी ने बताया कि हमलावर घर की चहारदीवारी फांदकर भीतर आए। हालांकि घर के भीतर किसी के जबरन घुसने के सबूत पुलिस को नहीं मिले। वहां रखा सामान भी अपनी जगह सुरक्षित था। 

गोली भीतरी कमरे में चली, बताया पहला कमरा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, किशोरी ने पूछताछ में घटनास्थल भी गलत बताया। उसने पुलिस को बताया कि घटना घर के सबसे आगे वाले कमरे में हुई। बताया कि बरामदे के बगल वाले कमरे में ही हमलावर उसे पीट रहे थे और बीचबचाव पर भाई को गोली मारी। लेकिन जांच में साफ हो गया कि गोली पीछे की ओर स्थित कमरे में चली। 

फुटेज में नहीं दिखा ‘हमलावर’

हमलावरों को लेकर दिए गए बयान से भी किशोरी संदेह के घेरे में आ गई। दरअसल उसने बताया कि हमलावर तीन थे जिन्होंने चेहरे पर मास्क बांध रखा था। हालांकि पुलिस ने घर के पास स्थित दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो घटना के वक्त के आसपास ट्रिपलिंग करने वाले बाइक सवार नजर नहीं आए।  बहन का यह भी बयान गलत निकला कि हमलावर यामहा बाइक से आए। क्योंकि घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज में यामहा बाइक लेकर कोई गली से निकलता नहीं दिखा। दरअसल गली एक तरफ से बंद है और इंस्पेक्टर का मकान सबसे आखिरी छोर पर स्थित है। ऐसे में आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है, जिस पर किशोरी के बताए हुलिए वाला कोई शख्स फुटेज में नजर नहीं आया। 

घायल ने दिया बयान, सोते वक्त मारी गई गोली

अस्पताल में भर्ती इंस्पेक्टर के घायल बेटे के बयान ने भी काफी हद तक पुलिस को क्लू दे दिया था कि घटना का राज घर के भीतर ही है। दरअसल अमरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह भीतर के कमरे में सो रहा था, इसी दौरान उस पर गोलियां दागी गईं। हालांकि उसने यह भी कहा कि वह गोली चलाने वाले को नहीं देख सका। 

घर में मिली पिस्टल, होती रही जांच

जांच पड़ताल के दौरान देर रात पुलिस को घर के भीतर ही घटना में प्रयुक्त पिस्टल भी मिल गई। .32 बोर की यह पिस्टल घर में ही छिपाकर रखी गई थी। फिलहाल देर रात तक यह नहीं पता चल सका था कि यह लाइसेंसी थी या अवैध। दरअसल यह भी जानकारी मिली कि इंस्पेक्टर के नाम से एक लाइसेंसी असलहा भी था। पुलिस अफसरों ने बताया कि इंस्पेक्टर के आने पर स्पष्ट होगा कि असलहा लाइसेंसी है या वारदात में अवैध असलहे का प्रयोग किया गया। 

सच्चाई सामने आने पर फूट-फूटकर रोई

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले तो किशोरी झूठे बयान देकर मामले को दूसरा रूप देने की कोशिश करती रही, लेकिन सच्चाई सामने आने पर फूट-फूटकर रोई। उधर घटना से मां सुभद्रा भी स्तब्ध दिखी। पुलिस ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि किशोरी व उसके भाई में अक्सर झगड़ा होता था। वारदात के खुलासे में सीओ सोमेंद्र मीणा, इंस्पेक्टर जीतेंद्र सिंह व एसओजी यमुनापार प्रभारी वृंदावन राय की अहम भूमिका रही। 
  • किशोरी के खुद के बयान व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से उस पर शक गहराया। पूछताछ में वह टूट गई और उसने गोली चलाने की बात कबूल कर ली। - आशुतोष मिश्रा, एसपी क्राइम
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