अमर उजाला ब्यूरो प्रयागराज। कर्नलगंज में सरेआम गुंडई दिखाने के आरोपी दरोगा को क्लीन चिट दिए जाने का मामला खासा चर्चा में है। 2 दिन पहले दरोगा का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह ठेले पर सब्जी बेच रहे दुकानदार का तराजू जमीन पर पटक कर तोड़ता दिखाई दे रहा है। मामले की शिकायत की गई तो अफसरों ने जांच तो बैठा दी, लेकिन आरोप है कि थाने के इंस्पेक्टर को ही इसका जिम्मा देकर मामला रफा-दफा करा लिया। पुलिस की इस कार्रवाई की सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना भी की जा रही है। विगत 11 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक बार वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कर्नलगंज थाने के कटरा चौकी इंचार्ज विनोद कुमार सिंह एक सब्जी के ठेले से तराजू उठाकर जमीन पर पटक कर तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस मामले की शिकायत हाईकोर्ट के अधिवक्ता और समाजसेवी सुनील चौधरी ने जन शिकायत पोर्टल के माध्यम से की। जानकारी हुई तो उच्चाधिकारियों ने जांच कराने को निर्देशित किया। आरोप है कि मामले में लीपापोती यहीं से शुरू हुई। सीओ ने मामले की जांच किसी और थाने से ना कराकर कर्नलगंज थाने के इंस्पेक्टर को ही सौंप दी। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने भी आनन-फानन में जांच कर अपनी आख्या सीओ को भेज दी जिसमें दरोगा को पाक साफ बता दिया। इस्पेक्टर की रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले वाले को बार-बार समझाने व अपील करने के बावजूद वह गली में सब्जी बेचने नहीं जा रहा था और एक जगह खड़ा होकर सब्जी बेच रहा था जिससे भीड़ एकत्र हो रही थी, इस कारण दरोगा ने उसका तराजू फेंक दिया था। जबकि अधिवक्ता का आरोप है कि जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त सिर्फ एक ही आदमी ठेले के पास खड़ा था। उनका यह भी आरोप है की ठेले वाले का ना सिर्फ तराजू तोड़ा गया बल्कि उससे गाली-गलौज भी की गई। अधिवक्ता ने घटना से संबंधित वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया जिसे कई लोगों ने ना सिर्फ शेयर किया बल्कि इस पर कमेंट भी किया। शिकायतकर्ता सुनील चौधरी का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मामले में सीओ कर्नलगंज सत्येंद्र प्रसाद तिवारी का कहना है कि बार-बार मना करने के बावजूद ठेलेवाला लाकडाउन का उल्लंघन कर रहा था इसलिए दरोगा ने उसका तराजू फेंक दिया। गाली गलौज की बात गलत है। उनका यह भी कहना कहना है कि अब तक भुक्तभोगी सामने नहीं आया है। वह शिकायत करे तो मुकदमा दर्ज कराकर जांच कराई जाएगी।