13 अप्रैल को प्रयागराज पहुंचे, स्टेशन के पास लिया कमरा
आरोपियों ने बताया कि वह 13 अप्रैल को ही प्रयागराज पहुंचे गए थे। यहां आने के बाद इन्होंने रेलवे स्टेशन के पास ही एक होटल में कमरा लिया और वहीं ठहरे। 14 अप्रैल को हम दोनों भाइयों को मारना चाहते थे लेकिन उस वक्त पुलिस का सुरक्षा घेरा ज्यादा था इसलिए बिना मारे लौट आए।
कोर्ट के बाहर चाहते थे मारना
आरोपियों ने बताया कि वह इन दोनों भाइयों को कोर्ट में पेश के दौरान ले जाते वक्त इन्हें मारना चाहते थे। लेकिन वहां सुरक्षा इंतजाम अधिक होने के कारण प्लान को कैंसिल कर देते हैं। इस बीच जानकारी मिली कि अतीक और अशरफ को मेडिकल के लिए कॉल्विन अस्पताल मेडिकल के लिए पुलिस टीम लेकर जाएगी। ऐसे में हमारी कोशिश थी कि हर हाल में इन्हें वहीं निशाना बनाया जाए। इन तीनों का मानना था कि दोनों भाइयों को मारकर ये जुर्म किया दुनिया में खूब नाम कमाएंगे और देशभर में इनकी चर्चा होगी।
किसने महैया कराईं लाखों की पिस्टल?
एसआईटी अफसरों ने तीनों शूटरों से यह भी पूछा कि उनके पास सात से आठ लाख मूल्य वाली जिगाना व गिरसान पिस्टलें कहां से आईं। गौरतलब है कि इन दोनों पिस्टलों के साथ एक देशी पिस्टल आरोपियों के कब्जे से बरामद हुई है। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में भी तीनों गोलमोल जवाब ही देते रहे। फिलहाल उन्होंने उस शख्स का नाम नहीं कबूला, जिसने उन्हें असलहे मुहैया कराए थे।