प्रदर्शनी के लिए न्यूयार्क और दक्षिण कोरिया भेजी गईं भरहुत के खंडहरों से प्राप्त सात मूर्ति कला अवशेषों की इलाहाबाद संग्रहालय में वापसी हो गई है। इलाहाबाद संग्रहालय के प्राचीन प्रस्तर शिल्प वीथिका के बहुमूल्य प्रदर्श भरहुत स्तूप की वेदिका के छह प्रस्तर शिल्प व एक कौशाम्बी से प्राप्त बोधिसत्व प्रतिमा को न्यूयॉर्क व टोक्यो की प्रदर्शनी में शामिल किया गया था। अब इन्हें इलाहाबाद संग्रहालय में देखा जा सकेगा। इसके लिए मूर्तियों को व्यवस्थित ढंग से रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे दर्शक भी देख सकेंगे। सात में से तीन मूर्तियां लगा दी गई हैं, जबकि चार एक हफ्ते के अंदर लग जाएंगी।
इलाहाबाद संग्रहालय के मीडिया प्रभारी राजेश मिश्र बताते हैं कि न्यूयॉर्क के संग्रहालयों में इनको प्रदर्शित किया गया। अब फिर से इलाहाबाद संग्रहालय में इसे रखा जाएगा। मध्य प्रदेश के भरहुत में मूलत: मौर्य शुंग काल में निर्मित भरहुत स्तूप ईसा पूर्व व ईशा की प्रारंभिक शताब्दियों से संबंधित हैं। इनमें दो अति महत्वपूर्ण प्रस्तर शिल्प हैं। इसमें त्रिरत्न व ब्राह्मी लिपि में लेक अंकित हैं। दूसरा गौतम की अस्थियों को हाथी पर ले जाने का दृश्य अंकित है।