सिर्फ एक अवैध छात्र का दुस्साहस और पूरे हॉस्टल का माहौल बिगड़ गया। 215 छात्रों की क्षमता वाले हॉस्टल में महज 20 विद्यार्थी रह गए हैं। पूरे हॉस्टल में सन्नाटा पसरा है। जो छात्र हॉस्टल में रह गए हैं, उन्हें परीक्षा देनी है। परीक्षा के बाद हॉस्टल पूरी तरह से खाली हो जा जाने की आशंका है।
हॉस्टल के जिस कमरा नंबर-36 में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची गई, उस पर अवैध कब्जा करने वाले सदाकत खान ने जब सील किए गए कमरे का ताला तोड़ा था, उसी वक्त अधीक्षक की शिकायत पर सदाकत के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की होती तो हॉस्टल का माहौल नहीं बिगड़ता। आलम यह है कि हॉस्टल में एक से दूसरे कोने पर सभी कमरों में ताले लटक रहे हैं। छात्रों को इस भय के साथ हॉस्टल छोड़कर जाना पड़ा कि कहीं पुलिस उन्हें भी न उठा ले जाए।
सदाकत की तलाश में मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल पहुंची पुलिस एलएलबी प्रथम वर्ष के एक छात्र मुबस्सिर हारून को अपने साथ ले गई थी, जिसका अब तक कोई अतापता नहीं। ऐसे में हॉस्टल के छात्र और सहम गए हैं। हॉस्टल में 65 छात्र अवैध रूप से रह रहे थे, जो हाॅस्टल छोड़कर जा चुके हैं। वहीं, भय के कारण ज्यादातर वैध छात्र भी हॉस्टल छोड़कर जा चुके हैं।
बुधवार को हॉस्टल के ज्यादातर कमरों में ताले लटकते मिले और जो छात्र अपने कमरों में थे, उन्होंने अंदर से कुंडी लगा रखी थी। हॉस्टल में जो छात्र बाकी रह गए हैं, वे अपने कमरे तक से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वे सिर्फ परीक्षा देने जाते हैं। हॉस्टल के अधीक्षक इरफान खान का कहना है कि हॉस्टल में तकरीबन 20 छात्र रह गए हैं। इनमें से ज्यादातर दूसरे राज्याें के हैं।