शहरवासियों के लिए एक राहतभरी खबर है। नवंबर से नए अलोपीबाग फ्लाईओवर पर फर्राटा भर सकेंगे। सेतु निगम का दावा है कि मेला प्राधिकरण को इसे पूरा करने के लिए दिसंबर तक का समय दिया गया है, लेकिन एक महीने पहले यह यातायात के लिए बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद लाइट, रंगाई-पुताई, सांउड बैरियर लगाने सहित अन्य काम सात दिसंबर तक पूरे किए जाएंगे।
सेतु निगम को महाकुंभ 2025 परियोजना के तहत छह मार्च 2024 को इसकी स्वीकृति मिली थी। इसके बनने से झूंसी की ओर से आने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। पुराने फ्लाईओवर के दोहरीकरण के रूप में इसे तैयार किया जा रहा है। पुल का 86 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पुल के फाउंडेशन व सब स्ट्रेक्चर का काम पूरा हो चुका है।
अब सुपर स्ट्रेक्चर का काम चल रहा है। 23 पिलर पर बने इस पुल में 63 बीम डाली गई है। 700 मीटर लंबे फ्लाईओवर की कुल लागत 95 करोड़ है। पुल अलोपीबाग से शुरू होकर बैरहना चौराहे तक जाएगा। इसके बनने से चुंगी, हर्षवर्धन चौराहा व अन्य इलाकों का अवागमन आसान होगा।
अलोपीबाग फ्लाईओवर का काम 86 फीसदी पूरा हो चुका है। मेला प्राधिकरण को इसे पूरा करने के लिए दिसंबर तक का समय दिया गया है। लेकिन, एक महीने पहले ही पुल यातायात के लिए बनकर तैयार हो जाएगा।
-मनोज अग्रवाल, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम