आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम (राजमुंदरी) निवासी कारोबारी सियाधुला वेंकटेश ने जेसीबी मशीन बेचने के नाम पर 17.50 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी), राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) समेत कई उच्च अधिकारियों को शिकायत देकर कर्नलगंज थाने में मथुरा निवासी चतर सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
वेंकटेश का आरोप है कि उन्हें एक्सकेवेटर मशीन खरीदने का प्रस्ताव मिला था। मध्यस्थ के माध्यम से मशीन की तस्वीरें और दस्तावेज भेजे गए, जिसके बाद वह मशीन का निरीक्षण करने के लिए सोनभद्र पहुंचे। वहां कथित रूप से मशीन दिखाने के बाद उन्हें प्रयागराज बुलाया गया।
आरोप है कि न्यायालय परिसर में नोटरी के माध्यम से बिक्री अनुबंध (सेल एग्रीमेंट) तैयार कराया गया। दस्तावेजों की जांच और बातचीत के बाद मशीन का सौदा 21 लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों और अन्य डिजिटल माध्यमों से आरोपी पक्ष को कई किश्तों में रकम भेजी गई।
आरोप है कि भुगतान लेने के बाद आरोपी ने मशीन की ढुलाई के नाम पर अतिरिक्त धनराशि भी ली। इसके बाद उसने मोबाइल फोन बंद कर लिया और संपर्क समाप्त कर दिया। जब शिकायतकर्ता ने मशीन और सौदे की सच्चाई जानने का प्रयास किया तो पता चला कि मशीन की बिक्री को लेकर संबंधित लोगों को कोई जानकारी नहीं थी।जिससे पूरे प्रकरण में उन्हें 17.50 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।