इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासन से कहा है कि वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के चारों तरफ गली-मोहल्लों व सड़कों पर चिह्नित किए गए 81 अतिक्रमणों को हटाकर अगली तारीख पर हलफनामा दाखिल करें। साथ ही नगर निगम को भी इस मामले में पक्षकार बनाने के लिए निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा, न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने अनंत शर्मा व अन्य की भीड़ प्रबंधन को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर दिया है। बांके बिहारी मंदिर में भीड़ प्रबंधन को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर पूर्व में कोर्ट ने कॉरिडोर बनाने के प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। साथ ही मंदिर के आसपास अतिक्रमण को हटाने का भी आदेश दिया था।
चार अक्तूबर 2024 को कोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया था कि मंदिर के आसपास के क्षेत्र का सर्वे कर अतिक्रमण चिह्नित करें और इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। इस आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने 81 चिह्नित स्थानों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाकर अगली तारीख पर हलफनामा प्रस्तुत करें। नगर निगम व विपक्षियों को अतिक्रमण हटाने में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
मुख्य सेवाधिकारी अशोक गोस्वामी के वकील शशि शेखर मिश्र ने दलील दी कि प्रशासन बुधवार को शरद पूर्णिमा पर मंदिर के खुलने का समय सुबह छह बजे कर दिया है। जबकि, कोर्ट ने पूर्व के आदेश में मंदिर प्रबंधन में प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाई थी। इस पर कोर्ट ने जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।