इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोर्ट ने छह वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म के अपराध को जघन्य बताते हुए अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया है। साथ ही मासूम बच्चियों के साथ हो रहे दुष्कर्म के प्रति चिंता जताई है। कोर्ट ने टिप्पड़ी करते हुए कहा कि छह साल की बच्ची से दुष्कर्म न केवल पीड़िता अपितु समाज और जीवन के मूल अधिकारों के खिलाफ अपराध है। यदि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने छोटू उर्फ जुल्फिकार की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिया है। यह घटना सात मई 23 की शाम साढ़े छह बजे की है। जब खेल रही बच्ची को याची पकड़कर खेत में ले जाकर घृणित दुष्कर्म किया। पिता ने बागपत थाने में एफआईआर दर्ज कराई। याची का कहना था कि पार्टी बंदी के कारण उसे झूठा फंसाया गया है। वह 8 मई 23 से जेल में बंद हैं। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।