इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म की घटना महिला के सम्मान और प्रतिष्ठा पर अमिट दाग लगा देती है। यह टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत ने अलीगढ़ निवासी युवक की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अलीगढ़ के क्वारसी थाने में 17 जून 2024 को पीड़िता की मां ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी आरोपी युवक के साथ की थी। साथ ही व्यवसाय के लिए चार लाख रुपये भी दिए थे। बाद में पता चला कि उसका दामाद अवैध गतिविधियों में शामिल है। आरोप है कि वह उनकी बेटी को रुपयों की हवस में जिस्मफरोशी के लिए मजबूर करता है। विरोध करने पर मारपीट करता था। आरोपी युवक 25 अगस्त 2024 से जेल में बंद है। मामले में जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी।