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कोरोना इफेक्ट: संक्रमण का खतरा, जेल में बंदियों की हुई जांच

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अमर उजाला ब्यूरो प्रयागराज। कोरोना संक्रमण के खतरे से जेल में निरुद्ध बंदी और कैदी भी अछूते नहीं हैं। ऐसे में यहां भी कोरोना से बचाव के हर संभावित उपाय किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार से केंद्रीय कारागार नैनी में बंदियों व स्टाफ की रैंडम मेडिकल जांच शुरू करा दी गई है। नैनी जेल में वर्तमान में 4000 से ज्यादा बंदी और कैदी निरुद्ध हैं। फिलहाल अब तक यहां कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन प्रदेश की कुछ अन्य जिलों में निरुद्ध बंदियों के संक्रमित होने की बात सामने आई है। आगरा व मुरादाबाद जेल में कुछ बंदी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। ऐसे में विभाग की ओर से इस दिशा में प्रयास शुरू किए गए हैं कि अन्य जेलों में इस तरह के मामले सामने न आएं। इसी के तहत डीजी जेल आनंद कुमार की ओर से प्रदेश की सभी जेलों में रैंडम जांच के निर्देश दिए गए। इसके अनुपालन में बृहस्पतिवार से नैनी जेल में भी बंदियों व स्टाफ की रैंडम जांच शुरू करा दी गई है। डीआईजी जेल बीआर वर्मा ने बताया की मंडल के सभी जेलों में रैंडम जांच शुरू करा दी गई है। कहा गया है कि बंदियों के साथ स्टाफ की भी जांच कराई जाए। साथ ही बाहर से आने वाली हर सामग्री सैनिटाइज कराई जाए। पहले भी उठाए गए कदम वैसे करोना से बचाव के संबंध में नैनी जेल प्रशासन की ओर से पहले भी कदम उठाए गए हैं। इसके तहत बंदियों व कैदियों से उनके परिजनों की मिलाई फिलहाल बंद है। इसके साथ ही जेल के अंदर ही एक क्वारन्टीन सेंटर भी बनाया गया है। फैक्ट फ़ाइल 4200 कैदी व बंदी निरुद्ध हैं नैनी जेल में 350 बंदी हाल ही में जमानत पर किए गए हैं रिहा 2200 है क्षमता
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