मीरगंज। पिछले चार दिनों से रुक-रुक हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। इससे किसानों की फसलों में पानी घुस गया है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। मीरगंज तहसील क्षेत्र के गांवों की सैकड़ों बीघा जमीन रामगंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से जलमग्न हो गई है। खेतों में खड़ी धान, गन्ना, मूंग, उर्द, बाजरा, तिल, आदि की फसलें पानी में डूबने लगी हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान की आशंका है। इसलिए उनकी चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के गांव गोरा लोकनाथपुर, मोहम्मदगंज, अंबरपुर, तीरथनगर, कपूरपुर आदि में तकरीबन पांच सौ बीघा गन्ना की फसल जलमग्न चुकी है। गोरा लोकनाथपुर के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इस बारे पूर्व में एसडीएम मीरगंज को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से किसानों की कोई मदद नहीं की गई।
नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। राजस्व टीमों को नदी किनारे बसे गांवों में सतर्क रहने को कहा गया है।
उदित पवार, एसडीएम, मीरगंज
सदर तहसील क्षेत्र के किसानों की भी चिंता बढ़ी
अलीगंज। सदर तहसील क्षेत्र के गांव सूदनपुर, भाट, गुजरहाई, जित्तौर, खजुहाई, अखा, ढका, गोकिलपुर, चुराह नवदिया, ऐंठपुर आदि के किसानों की फसलों में भी पानी भरने लगा है। इससे रामगंगा किनारे खादर इलाके में बसे किसानों की नींद उड़ हुई है।
यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो जल्द ही पानी इन गांवों को भी घुस जाएगा। फिलहाल किसानों की अपनी फसलों को बचाने की चिंता सजा रही है। सूदनपुर के छोटे दिवाकर ने बताया कि शनिवार शाम से जलस्तर बढ़ने के कारण पानी उनके गन्ने की फसल तक पहुंच चुका है।
खतरे के निशान के करीब पहुुंचा जलस्तर
बाढ़ खंड विभाग के एसडीओ अमित सिंह ने बताया कि सोमवार को रामगंगा नदी का जलस्तर 159.35 मीटर गेज रहा। चेतावनी विंदु 162.070 और खतरे का निशान 163. 070 मीटर गेज पर है। मंगलवार तक नदी का जलस्तर और बढ़ने की उम्मीद है। बाढ़ खंड की टीमें बढ़ते जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। नदी के किनारे बसे गांवों में सूचना भेज दी गई है।