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रामचरित मानस चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला है: पं. निर्मल

Sun, 25 Oct 2026 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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मेजा रोड के पांती में हो रहे मानस सत्संग के दूसरे दिन प्रवचन करते पंडित निर्मल कुमार शुक्ला। सं
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पांती (मेजारोड) में मानस प्रचारिणी समिति द्वारा आयोजित मानस सत्संग के दूसरे दिन शनिवार को रामचरित मानस के विभिन्न प्रसंगों पर चर्चा हुई। कथा के आयोजक पं. विजयानन्द उपाध्याय ने प्रवचनकर्ताओं का स्वागत किया। पं. निर्मल कुमार शुक्ल ने कहा कि रामचरित मानस चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला है और कलियुग में तुलसी कृत रामायण वेदों के समान है। डॉ. रामसूरत रामायणी ने शृंगवेरपुर में केवट और प्रभु श्री राम के प्रेम प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने केवट के नाव न देने के तर्क को समझाया। आस्था गोस्वामी ने सती तत्व और माता सती की जिज्ञासा पर चर्चा की। स्वामी श्रीधराचार्य जी महाराज ने भगवान श्री राम जन्म के प्रसंग पर प्रकाश डाला। मानस सत्संग के आयोजक विहिप के जिलाध्यक्ष नित्यानन्द उपाध्याय ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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