धनूपुर ब्लॉक क्षेत्र के देवबरा धाम पिपरी में शोभायात्रा के बाद शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा की शुरुआत हुई है। कथावाचक राजन महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का आदर्श मानव जीवन को उत्कृष्ट कर देता है। उन्होंने कहा कि देव भाषा संस्कृत में महर्षि वाल्मीकि की रामायण की अपेक्षा गोस्वामी तुलसीदास की अवधी में लिखी गई श्री रामचरित मानस ग्रंथ अधिक लोकप्रिय है।
उन्होंने कहा कि मानस सत्यम, शिवम और सुंदरम का प्रतीक है। इसकी रचना करके गोस्वामी तुलसीदास ने सनातन धर्म पर उपकार किया है। राजन महाराज ने कहा कि श्रोता के मन में सुनने का भाव जागृत करना ही सर्वोत्तम कथा है।
इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। कथा में लोगों नाचते-झूमते नजर आए। संयोजक राधेमोहन पांडेय ने कहा कि पेयजल और बैठने के लिए व्यवस्था की गई है। पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु आयोजन में पहुंचे हैं। इसमें बुजुर्ग-बच्चे भी शामिल रहे।
कथा में पूर्व मंत्री डॉ. राकेशधर त्रिपाठी, पूर्व विधायक हंडिया प्रशांत सिंह, ब्लॉक प्रमुख धनूपुर ज्योति यादव, डॉ. पंकज त्रिपाठी, प्रमोद त्रिपाठी, प्रणव त्रिपाठी, डीआईजी लखनऊ अशोक शुक्ला, पूर्व कुलपति बीएचयू डॉ. गिरीशचंद्र त्रिपाठी, विकास पांडेय इलाहाबादी, अवधेश तिवारी बालकृष्ण तिवारी मौजूद रहे।