उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 के खत्म होने से करीब डेढ़ महीने पहले ही स्क्रैप (कबाड़) बेचकर मोटी कमाई का रिकॉर्ड बना दिया है। रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे को इस साल के लिए 275 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया था। वहीं, प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक शशि प्रकाश द्विवेदी के मार्गदर्शन में मिशन मोड पर काम करते हुए रेलवे ने 12 फरवरी 2026 तक ही 276.43 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र कर लिया है। खास बात यह है कि अभी वित्तीय वर्ष खत्म होने में 45 दिन बाकी हैं, जिससे इस आंकड़े के और ऊपर जाने की उम्मीद है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल यानी 12 फरवरी 2025 तक रेलवे ने 229.26 करोड़ रुपये का कबाड़ बेचा था। इस साल की कमाई पिछले साल के मुकाबले 20.57 प्रतिशत अधिक है। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि स्क्रैप का निस्तारण केवल राजस्व के लिए ही नहीं, बल्कि रेल परिसरों को साफ-सुथरा और सुरक्षित रखने के लिए भी जरूरी है। पटरियों के किनारे पड़े पुराने लोहे, कोच के हिस्सों और अनुपयोगी मशीनरी को हटाकर रेलवे जीरो स्क्रैप का लक्ष्य हासिल करना चाहता है। कहा कि इस उपलब्धि के लिए जीएम एनसीआर नरेश पाल सिंह ने अफसरों को बधाई दी है।