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महंगाई भत्ता रोकने के फैसले पर रेल यूनियनों ने जताई नाराजगी

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प्रयागराज । केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते एवं पेंशनर की महंगाई राहत की बढ़ोतरी पर रोक लगाने के निर्णय पर रेल यूनियन नेताओं ने आपत्ति जताई है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन हो या फिर नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन समेत कुछ अन्य यूनियनों ने भी केंद्र सरकार के इस निर्णय पर असंतोष जाहिर किया है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री आर डी यादव ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता रोकने को अनुचित करार दिया है ।उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी इस संकट के दौरान लगातार काम कर रहे हैं। साथ ही कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बावजूद रेलकर्मी माल गाड़ियां पार्सल ट्रेनें आदि का संचालन निर्बाध रूप से कर रहे हैं। रेल कर्मियों ने प्रधानमंत्री केयर फंड में अपना 1 दिन का वेतन भी दिया । इसकी सराहना करने की बजाय अब सरकार उल्टे ही केंद्रीय कर्मियों के भक्ति में कटौती कर रहे हैं । उधर वर्कर यूनियन के जोनल महामंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि देश का कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कोरोना संकट में 24 घंटे सातों दिन ड्यूटी कर रहा है । आज जब समय की मांग थी कि उनको प्रोत्साहन दिया जाता तब केंद्र सरकार द्वारा जुलाई 2021 तक कर्मचारियों तथा पेंशनरों का महंगाई भत्ता रोकने का फैसला कर लिया गया, जो निंदनीय है और यूनियन इसका विरोध करती हैं। इसके विरोध में आई आर ई एफ (इंडियन रेलवे इंप्लाइज फेडरेशन) देश व्यापी विरोध करेगा। मनोज ने कहा कि अच्छा होता कि देश के एक फीसदी बड़े-बड़े पूंजीपतियों पर, जिनको सरकारें हर वर्ष लाखों करोड़ों रुपए की टैक्स छूट देती है व जिनके लाखों करोड़ रुपए के कर्ज को सरकार हर वर्ष को बट्टे-खाते में डाल देती हैं, उन पर भी ऐसा ही फरमान जारी करती।
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