प्रतियोगी छात्रों ने समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) सामान्य व विशेष चयन 2021 के परिणाम पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए चयन परिणाम जारी किया है।
आयोग ने मार्च 2021 में इस भर्ती का विज्ञापन जारी किया था, जिसकी प्रारंभिक पांच दिसंबर 2021 और मुख्य परीक्षा 24 अप्रैल 2022 को आयोजित की गई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि पांच मई 2022 को शासन ने कंप्यूटर कोर्स ‘ओ’ लेवल और उसकी समकक्षता का निर्धारण किया था। इसमें लिखा था कि यह समकक्षता नए विज्ञापन से लागू होगी, लेकिन आयोग ने आरओ/एआरओ 2021 में ही इसे लागू कर दिया।
अभ्यर्थी आशीष सिंह का कहना है कि विज्ञापन की शर्तों के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि पांच अप्रैल 2021 तक अर्ह अभ्यर्थी ही फॉर्म भर सकते थे। सुप्रीम कोर्ट ने 31 मई 2021 तक केवल ‘ओ’ लेवल डिग्री को मान्य किया था, लेकिन आयोग ने इसका उल्लंघन करते हुए सभी डिग्री को वैध घोषित कर दिया।