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प्रो. रज्जू भैया : मूल्यांकन के बाद सामने आ सकते हैं सामूहिक नकल के नए मामले

Sun, 30 Apr 2023 08:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय - फोटो : prayagraj
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने के बाद अब तक तीन कॉलेजों में सामूहिक नकल के मामले पकड़े गए हैं। परीक्षा के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होने पर सामूहिक नकल के कुछ नए मामले भी सामने आ सकते हैं।

पिछले दिनों कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में सचल दस्ते ने प्रयागराज के तीन महाविद्यालयों में औचक निरीक्षण के दौरान सामूहिक नकल के मामले पकड़े थे। तीनों महाविद्यालयों को तीन-तीन साल के लिए डिबार कर दिया है और इस अवधि में तीनाें महाविद्यालयों को राज्य विवि की किसी भी परीक्षा में केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान तीनों महाविद्यालयों में स्नातक अंतिम वर्ष के 674 परीक्षार्थी हिंदी की परीक्षा दे रहे थे। राज्य विवि के सूत्रों के अनुसार हिंदी की परीक्षा में सामूहिक नकल के तीन मामले सामने आने के बाद अन्य कठिन विषयों में सामूहिक नकल होने की आशंका बढ़ गई है।

सूत्रों का कहना है कि अन्य विषयों में भी सामूहिक नकल की आशंका को देखते हुए अब परीक्षा के बाद मूल्यांकन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। काॅपियों की जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि परीक्षार्थियों की ओर से लिखे गए उत्तर एक-दूसरे से कितना मेल खा रहे हैं। पिछले वर्ष कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान तकरीबन नौ हजार परीक्षार्थी सामूहिक नकल में फंसे थे।

उनकी कॉपियों की जांच के दौरान यह पता चला था कि एक-एक लाइन मिलाकर लिखी गई है। ऐसे में राज्य विवि के अफसर इस बार भी पिछले साल की तर्ज पर कॉपियों का मूल्यांकन कराने की तैयारी में हैं। अगर मूल्यांकन के दौरान किसी परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल के नए मामले सामने आते हैं तो संबंधित कॉलेज को भी कम से कम तीन साल और परीक्षार्थियों को एक साल के लिए डिबार किया जाएगा।

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