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Prayagraj News: सीएमपी महाविद्यालय के प्राचार्य ने दिया इस्तीफा

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चौधरी महादेव प्रसाद (सीएमपी) डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो.अजय प्रकाश खरे ने बृहस्पतिवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने गर्वनिंग बॉडी के अध्यक्ष के अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन को भी इस्तीफा भेजा है। हालांकि, एक मई तक इस पद पर बने रहेंगे। अध्यक्ष डॉ.सुशील सिन्हा का कहना है कि कमेटी की बैठक में इस्तीफे पर निर्णय लिया जाएगा। डॉ.सुशील सिन्हा के केपी ट्रस्ट का अध्यक्ष चुने जाने के तीन महीने के भीतर प्राचार्य के अचानक इस्तीफा देने से कॉलेज में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
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भोपाल स्थित इंस्टीट्यूट फाॅर एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन में प्राचीन इतिहास के अध्यापक रहे प्रो.खरे की मई 2022 में पांच वर्ष के लिए सीएमपी के प्राचार्य के पद पर नियुक्ति हुई थी। अभी सवा तीन साल का कार्यकाल शेष है, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया। प्राचार्य ने लिखा है कि सीएमपी में प्राचार्य पद पर चयन के बाद पुराने संस्थान से उन्हें दो वर्ष के लिए अवकाश दिया गया है। यह अवधि पांच मई को पूरी हो रही है।
इसलिए प्राचार्य पद पर वह एक मई तक ही रह पाएंगे। इस्तीफा के साथ उन्होंने चार मई 2022 को मध्य प्रदेश शासन की ओर से इस बाबत जारी आदेश की प्रति भी लगाई है। पत्र के माध्यम से उन्होंने कायस्थ पाठशाला, शिक्षकों व कर्मचारियों के प्रति आभार भी प्रकट किया है।
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प्रो. खरे के प्राचार्य बनने के बाद कॉलेज में एकेडमिक सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं तो ढांचागत विकास पर भी जोर दिया गया। जल्द कॉलेज में नैक की टीम भी आने वाली है। ऐसे में प्रोफेसर खरे के इस्तीफे से इन गतिविधियों के भविष्य को लेकर भी सवाल बन गए हैं।
केपी ट्रस्ट एवं कॉलेज गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष डॉ.सुशील सिन्हा का कहना है कि प्राचार्य का इस्तीफा मिला है। उन्होंने पुराने संस्थान में वापस जाने की बात कही। इसकी वजह से एक मई के बाद से प्राचार्य पद पर बने रहने में असर्मथता जताई है। अध्यक्ष का कहना है कि कमेटी के सामने उनके इस्तीफे को रखा जाएगा। कमेटी के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कई मुद्दों पर प्रबंधन के साथ रहा है मतभेद
प्रयागराज।
प्रो.खरे के इस्तीफे के पीछे प्रबंधन के साथ मतभेद को कारण माना जा रहा है। प्राचार्य आवास की चाबी, वाणिज्य संकाय की शिफ्टिंग समेत कई बिंदुओं पर आपस में गतिरोध की बात कही जा रही है।
डॉ.सुशील सिन्हा 25 दिसंबर को ही केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष चुने गए हैं। इसी के साथ वह कॉलेज गवर्निंग बॉडी के पदेन अध्यक्ष भी हैं। बताया जा रहा है कि नए प्रबंधन के साथ प्राचार्य की कई मुद्दों पर असहमति रही। वाणिज्य संकाय पहले महात्मा गांधी मार्ग स्थित मुख्य परिसर में ही चलता था। वर्तमान सत्र में ही वाणिज्य संकाय को सिविल लाइंस में फायरब्रिगेड स्थित परिसर में शिफ्ट किया गया, लेकिन प्रबंधन उसे फिर से मुख्य परिसर में लाना जाना है।
इसके अलावा वर्षों से खाली प्राचार्य आवास की चाबी भी प्रबंधन ने मांग ली थी। जबकि, रसायन विज्ञान विभाग का प्राचार्य आवास तक विस्तार किया जाना प्रस्तावित था। इसके अलावा बैठकों में देर से पहुंचने तथा कॉलेज से ईतर अन्य कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर भी मतभेद की बात कही जा रही है। हालांकि प्राचार्य इस पर मौन हैं तो डॉ.सुशील सिन्हा ने भी प्राचार्य के साथ किसी तरह के मतभेद से इंकार किया। डॉ.सिन्हा का कहना है कि प्राचार्य ने इस तरह की कोई बात नहीं कही।ब्यूरो
शिक्षक संघ की बुलाई गई आमसभा
इस्तीफे के बाद कॉलेज शिक्षक संघ की भी शुक्रवार को आमसभा बुलाई गई है। इसमें प्राचार्य के इस्तीफे,आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ.रजत श्रीवास्तव का कहना है कि इस्तीफे को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं। शिक्षकों के सम्मान का मुद्दा भी है। आमसभा में सभी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
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