करनाईपुर क्षेत्र के कटनई गांव में कथा सुनाते कथावाचक
- फोटो : मनीष शर्मा
बहरिया क्षेत्र के कटनई गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में स्वामी आत्मानंद सरस्वती महाराज ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह प्रेम, श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है। रुक्मिणी विवाह प्रसंग मनुष्य को धर्म, भक्ति, समर्पण एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। कथा के मुख्य यजमान पंडित राधे कृष्ण मिश्रा एवं राम कुमारी मिश्रा रहे। इस दाैरान विकास मिश्रा, जोखू लाल तिवारी, विजय मिश्रा, पूर्व प्रमुख पुरुषोत्तम पांडेय और दिनेश द्विवेदी रहे।