उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) भर्ती परीक्षा-2023 का विज्ञापन इसी हफ्ते जारी करने की तैयारी में है। अभ्यर्थी दो साल से इस भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
आरओ/एआरओ के 180 पदों पर भर्ती की तैयारी है। यह भर्ती भी कई माह से समकक्ष अर्हता के विवाद में फंसी हुई थी। आयोग को भर्ती के लिए रिक्त पदों का अधियाचन काफी पहले मिल चुका था, लेकिन समकक्ष अर्हता पर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण आयोग विज्ञापन जारी नहीं कर रहा था। अब शासन स्तर से समकक्ष अर्हता पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है और भर्ती का विज्ञापन जारी होने का रास्ता भी साफ हो गया है।
इसी तरह अपर निजी सचिव (एपीएस) के पदों पर भी भर्ती समकक्ष अर्हता के विवाद में फंसी हुई थी। इस भर्ती का विज्ञापन भी आयोग ने कुछ दिनाें पहले जारी किया है। यह भर्ती भी दस साल बाद आई है। हालांकि, एपीएस भर्ती के मुकाबले आरओ/एआरओ भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कई गुना अधिक होती है और आयोग के लिए यह वजह चुनौती बनी हुई है।
दरअसल, आयोग ने अपनी सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) अनिवार्य कर दिया है। ओटीआर नंबर के बिना अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत नहीं होंगे। समस्या यह है कि इस भर्ती के लिए जितनी संख्या में आवेदन अपेक्षित हैं, उतनी संख्या में अभी ओटीआर नहीं हुए हैं। ऐसे में विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन फंस सकते हैं। इसी वजह से आयोग के सचिव ने दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं कि अभ्यर्थी विज्ञापन जारी होने से पूर्व ओटीआर नंबर प्राप्त कर लें।