अतीक को उमेश पाल और उसकी सुरक्षा में लगे दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर नामजद किया गया है। इसकी तहकीकात के लिए पुलिस उसे रिमांड पर लेगी। इस दौरान उसे मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल भी ले जाया जा सकता है। इसी हॉस्टल के कमरा नंबर-36 में अवैध रूप से रहने वाले अतीक के गुर्गे सदाकत अली ने उमेश पाल की हत्या की साजिश रची थी।
सदाकत की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में पुलिस को कई ऐसे सुबूत हाथ लगे हैं, जिनके लिए माफिया से उसका आमना-सामना भी कराया जा सकता है। यही नहीं, अतीक को घटनास्थल पर भी ले जाया जा सकता है। पूरे प्रदेश को दहला देने वाले इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस का कहना है कि जल्द ही साबरमती जेल प्रशासन के समक्ष बी-वारंट (प्रोडक्शन वारंट) के लिए आवेदन किया जाएगा।
उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद का पूरा परिवार नामजद है। उसकी बीवी शाइस्ता परवीन फरार है। दो बेटे उमर और अली पहले से जेल में बंद हैं। दो नाबालिग बेटों को शाइस्ता की फरारी के कुछ दिन बाद लावारिस हाल में पाए जाने पर पुलिस ने बाल सुधार गृह में दाखिल करवा दिया है। अतीक के शूटर बेटे असद अहमद की तलाश में एसटीएफ नेपाल से लेकर मध्य प्रदेश, बिहार-झारखंड तक छापेमारी कर रही है।
पांच साल पहले देवरिया से भेजा गया था साबरमती जेल
22 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि अतीक अहमद को देवरिया जेल से गुजरात में उच्च सुरक्षा वाली जेल में शिफ्ट किया जाए। लखनऊ के रियल एस्टेट व्यवसायी मोहित जायसवाल का अपहरण करके देवरिया जेल में अतीक के समक्ष लाने और वहां मारे-पीटे जाने के आरोपों के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया था। इसके बाद ही जून 2019 में माफिया को साबरमती जेल शिफ्ट किया गया था।
माफिया को है गाड़ी पलटने का खौफ
अतीक को खौफ है कि साबरमती जेल से यूपी स्थानांतरित करने के दौरान दुर्दांत विकास दुबे की तर्ज पर कहीं गाड़ी पलटाकर उसे भी न मार दिया जाए। माफिया खुद इसका अंदेशा जता चुका है। जेल स्थानांतरण के खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी दाखिल कर रखी है। उसकी गुहार है कि उसकी पेशी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये कर ली जाए। इस प्रकरण की सुनवाई अभी बाकी है। बीवी शाइस्ता और छोटी बहन आयशा नूरी भी इसी तरह के अंदेशे जताते हुए मुख्यमंत्री योगी से सुरक्षा की गुहार लगा चुकी हैं।