prayagraj news : जिला पंचायत कार्यालय, प्रयागराज।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में इस बार यादव और पटेल बिरादरी के सदस्य निर्णायक भूमिका निभाएंगे। निर्वाचित सदस्यों में यादवों की संख्या अधिक है, इसलिए प्रत्याशी के चयन में राजनीतिक दलों द्वारा इस फैक्टर का भी ध्यान रखा जा रहा है। यही रणनीति ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी अपनाए जाने की तैयारी है।
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख का चुनाव फिलहाल टल गया है, लेकिन दलों और दावेदारों की ओर से तैयारी जारी है। भाजपा और सपा के अलावा कई निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य भी अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे हैं। जातीय समीकरण को आधार बनाते हुए उनकी ओर से जीत के दावे भी किए जा रहे हैं। यहां जिला पंचायत सदस्य की 84 सीटें हैं। इनमें करीब 20 पदों पर यादव बिरादरी के सदस्य निर्वाचित हुए हैं, वहीं पटेल बिरादरी के 13 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। अनुसूचित जाति के सदस्यों की संख्या 22 है। वहीं सवर्ण बिरादरी के निर्वाचित सदस्यों की संख्या करीब एक दर्जन है। चूंकि अध्यक्ष चुने जाने के लिए 43 सदस्यों का समर्थन चाहिए। ऐसे में अध्यक्ष के चुनाव में यादव और पटेल बिरादरी के सदस्यों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
वरिष्ठ नेता संभालेंगे मतों को जोड़े रखने की कमान
जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए जोड़तोड़ भी शुरू हो गई है। सपा के वरिष्ठ नेता का कहना है कि यादव बिरादरी के सदस्यों को जोड़े रखने में पार्टी को बहुत कठिनाई नहीं होगी। इसके अलावा अध्यक्ष के लिए इसी बिरादरी के एक सदस्य का नाम भी तेजी से उभरा है। वहीं पटेल बिरादरी के सदस्यों को जोड़ने के लिए पूर्व सांसदों एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
धन बल का भी होगा जोर
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में धन बल का जोर चलने की बात भी कही जा रही है। भाजपा और सपा दोनों की इस फैक्टर पर नजर है। दोनों ही दलों से दो-दो सदस्यों के नाम तेजी से सामने आए हैं।
अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख के चुनाव में देरी पर सपा का एतराज
जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के चुनाव में देरी पर सपा ने एतराज जताया है। जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने चुनाव टाले जाने से धनबल के दम पर सदस्यों के जोड़तोड़ की भी आशंका जताई है। उनका कहना है कि पंचायत चुनाव में भाजपा को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। इसलिए अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख का चुनाव टालने की कोशिश की जा रही है। अभी तक इन चुनावों के लिए अधिसूचना जारी नहीं की गई, ताकि सदस्यों को तोड़ा जा सके। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में हर पद पर सर्वाधिक संख्या में सपा समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा ब्लाक प्रमुख की ज्यदातर सीटों पर जीत का भी दावा किया।