सुभाष चौराहा, सिविल लाइंस प्रयागराज।
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पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शुक्रवार की शाम तेज हवाओं और गरज-चमक के बीच बूंदाबांदी के बाद एक झोंका बादल जमकर बरसे। देर रात तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। हवाओं की गति सामान्य से अधिक रही सो बारिश का झोंका फसलों पर भारी पड़ा। खेतों में खड़ीं फसलें गिर गईं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि तेज हवाएं परेशानी का कारण बन सकती हैं।
मौसम का मिजाज दोपहर बाद बदल गया। पहले तेज धूप फिर हवाओं की गति तेज होती गई। तीन बजे के बाद से बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। शाम करीब साढ़े छह बजे बड़ी-बड़ी बूंदें पड़ने लगीं फिर एक झोंका तेज बारिश हुई। रास्ते में फंसे लोग बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थान तलाशते रहे।
अधिकतम तापमान 38.6 और न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नमी का स्तर असंतुलित होने से उमस हावी रही। लोगों को तेज गर्मी से तो राहत मिली लेकिन किसानों की मेहनत पर मौसम का मिजाज भारी पड़ रहा है। सरसों और गेहूं की फसलें खेतों और खलिहानों में भीग रही हैं।
इविवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र राय के मुताबिक शनिवार को भी मौसम ऐसा ही रह सकता है। धूल भरी आंधी भी परेशान कर सकती है। वैसे भी हवाओं की गति सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं।