नगर प्रमुख चुने गए सत्य प्रकाश हार गए थे सभासद का चुनाव
1972 में नगर प्रमुख चुने गए सत्यप्रकाश मालवीय 1965 में मालवीय नगर से सभासद का चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए। पूर्व पार्षद केके श्रीवास्तव बताते हैं कि इसके बाद सत्य प्रकाश वाराणसी में वकालत करने लगे। 1972 का चुनाव वह लड़ने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन, बुलाया गया। इसके बाद सोशलिस्ट पार्टी राजनारायण गुट के टिकट पर नगर प्रमुख का चुनाव लड़े और निर्वाचित हुए।
केके श्रीवास्तव के अनुसार 1971 में इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था और पूरे देश में कांग्रेस की लहर थी। इसके बावजूद उन्होंने कांग्रेस के अमरेश कुमार बनर्जी के अलावा जनसंघ के प्रत्याशी डॉ. मुरली मनोहर जोशी को मात दी। केके श्रीवास्तव का कहना है कि उस समय वह पूरे देश में अकेले विपक्ष के नगर प्रमुख चुने गए थे।
जवाहर लाल नेहरू
जवाहर लाल नेहरू तीन अप्रैल 1923 से 28 फरवरी 1925 तक नगर पालिका के अध्यक्ष रहे। स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी नेता रहे। इसके बाद देश के पहले प्रधानमंत्री बने और 1964 तक इस पद पर रहे। वह फूलपुर से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे।
लाल बहादुर शास्त्री
जवाहर लाल नेहरू के बाद लाल बहादुर शास्त्री नगर पालिका के अध्यक्ष रहे। वह स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी नेता रहे। पं. नेहरू के कार्यकाल में गृहमंत्री रहे और उनके बाद प्रधानमंत्री बने। लाल बहादुर शास्त्री इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे।
विश्वंभर नाथ
विश्वंभर नाथ पांडेय करीब 12 साल तक नगर पालिका अध्यक्ष रहे। वह स्वतंत्रता सेनानी रहे। 1983 से 1988 के बीच उड़ीसा के राज्यपाल रहे।
पुरुषोत्तम दास टंडन
पुरुषोत्तम दास टंडन तीन जनवरी 1921 से 10 मार्च 1922 के बीच नगर पालिका के अध्यक्ष रहे। स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी नेता रहे। 1950 में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिलाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।