एलटी ग्रेड रिजल्ट के लिए शुरू हुआ पोस्टर अभियान ० एसटीएफ की ओर से चार्जशीट दाखिल न किए जाने से दांव पर अभ्यर्थियों का भविष्य ० हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान के ३२८७ पदों की भर्ती पर निर्णय नहीं ले सका यूपीपीएसी प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने हिंदी और सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट जारी किए जाने की मांग को लेकर पोस्टर अभियान शुरू किया है। अभ्यर्थियों ने हजारों की संख्या में पोस्टर छपवाए हैं। साथ ही ऑनलाइन अभियान भी चलाया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएसएसी) के अध्यक्ष ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया था कि एसटीएफ की ओर से हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा में पेपर लीक मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद रिजल्ट पर निर्णय लिया जाएगा। एसटीएफ ने अभी चार्जशीट दाखिल नहीं की है। ऐसे में विवेचना पूरी होने तक रिजल्ट पर निर्णय अटका रहेगा। इससे परेशान अभ्यर्थियों ने पोस्टर अभियान शुरू किया है। हिंदी एवं सामजिक विज्ञान विषय में एलटी ग्रेड शिक्षकों के ३२८७ पदों का परिणाम लंबित होने के कारण एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। हिंदी में १४३३ और सामाजिक विज्ञान में १८५४ पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए लिखित परीक्षा २९ जुलाई २०१८ को आयोजित की गई थी। दस दिनों के बाद परीक्षा के आयोजन को दो साल पूरे हो जाएंगे। आयोग अब तक १३ विषयों का परिणाम जारी कर चुका है लेकिन हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट पेपर लीक मामले में फंसा हुआ है। मामले की विवेचना पूरी होने तक रिजल्ट की कोई उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है। अभ्यर्थियों ने रिजल्ट के लिए अब पोस्टर अभियान की शुरुआत की है। पोस्टर पर लिखा है, ‘एलटी ग्रेड पीडि़त समस्त प्रतियोगी छात्र करें पुकार, जीआईसी एलटी हिंदी व सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट दे सरकार।’ अभ्यर्थियों ने हजारों की संख्या में पोस्टर छपवाए है, जो डेलीगेसियों, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परिसर एवं अन्य स्थानों पर लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी यह पोस्टर वायरल किया जा रहा है। एलटी समर्थक मोर्चा के संयोजक विक्की खान एवं प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय का कहना है कि हर बार वार्ता में एसटीएफ की ओर से कहा गया कि चार्जशीट शीघ्र दाखिल की जाएगी, लेकिन एसटीएफ मामले की विवेचना पूरी ही नहीं कर पा रही। विवेचना अधूरी होने और चार्जशीट दाखिल न होने से आयोग को भी बहाना मिल गया है, जिससे रिजल्ट पर निर्णय अटक हुआ है और एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। पोस्टर अभियान के साथ आंदोलन की फिर से शुरुआत की गई है। परिणाम आने तक किसी न किसी रूप में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी रहेगा।