लखनऊ मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसमें प्रयागराज भी यलो जोन में शामिल है। ऐसे में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने एडवाइजरी जारी की है, ताकि इस दौरान लोग सुरक्षित रहें और किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एडवाइजरी में कहा गया है कि आंधी-तूफान और भारी वर्षा के दौरान ऊंची इमारतों, पेड़ों, मनुष्यों, जानवरों आदि पर बिजली गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में सावधानी और तैयारी ही एकमात्र उपाय है। वज्रपात जोखिम वाले क्षेत्रों में शहरी व उप शहरी में बिना तड़ित चालक के ऊंची इमारतें, संचार टावरों का भूमि पर अच्छी तरह विद्युत संपर्क स्थापित नहीं किया जाना, पेड़, तालाब, झील व पानी से भरे क्षेत्र असुरक्षित हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में अत्यधिक जोखिम में कच्चे मकान, जिसमे धातु के कुछ भाग निकले हुए हों, पानी भरे हुए खेत असुरक्षित हैं।
एडवाइजरी में कहा गया है कि परिवार, समुदाय, बच्चों आदि के साथ वज्रपात और उसके प्रभाव पर चर्चा करें, स्थानीय मौसम पर नजर रखें और रेडियो सुनें और टीवी देखें। सुनें, घर के पास लगे पेड़ों की छटाई करें, ऊंची इमारतों पर तड़ित चालक यंत्र स्थापित करें, प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी को नजर अंदाज न करें। इसके अलावा कुछ अन्य सावधानियां बरतनी जरूरी है।
बिजली गिरने की संभावना होने पर यह करें
1. बाहर जाने से बचें।
2. बिजली देखने के बाद 30 तक गिनना शुरू करें। यदि आपके 30 तक पहुंचने से पहले गड़गड़ाहट सुनाई दे तो तत्काल घर के अंदर जाएं। गड़गड़ाहट की आखिरी आवाज के बाद कम से कम 30 मिनट के लिए बाहरी गतिविधियों को स्थगित करें।
3. जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी पक्की छत के नीचे शरण लें।
4. बिजली चमकने व आंधी आने पर पेड़ के नीचे से हट जाएं।
5. बिजली गिरने के दौरान किसान कभी खुले मैदान या खेत में न खड़े हों। कोशिश करें कि किसी सुरक्षित पक्की छत के नीचे पहुंच जाएं।
6. तालाब, नदी तट, आदि जैसे जल निकायों से दूर रहें।
7. यदि समूह में है तो दूर-दूर रहें। यदि आप खुली जगह में है तो अपने शरीर को उकडू कर एड़ियों को सटा कर कान बंद कर बैठ जाएं।
8. यदि आप किसी वाहन में सफर कर रहे हैं, तो वाहन में ही रहें।
9. स्मार्टफोन में दामिनी एप डाउनलोड करें व उससे प्राप्त सूचनाओं का पालन करें और अपने आस-पास के लोगों तक पहुंचाएं।
10. ऊंचे क्षेत्रों जैसे पहाड़ियों और चोटियों से तुरंत उतर जाएं। आश्रय के लिए कभी भी चट्टान का उपयोग न करें, किसी पेड़ के नीचे आश्रय न लें।
धूप साथ हुई बारिश के बाद इंद्रधनुष देखकर खिले चेहरे
बुधवार दोपहर धूप के साथ तेज बारिश ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दिलाई। बारिश के बाद आसमान में खिला इंद्रधनुषी रंग लोगों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र रहा। किसी ने अपने फोन में तो किसी ने कैमरे में इंद्रधनुष की तस्वीर को कैद किया। वहीं 20 मिनट की बारिश ने पूरे शहर को जलभराव की स्थित पैदा कर दी।