शहर की सुरक्षा में मदद के लिए शहरियों ने भी हाथ बढ़ाया है। इनके 1088 कैमरों की मदद से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। शहरियों के भवनों के बाहर लगे इन सीसीटीवी कैमरों को इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा गया है।
पिछले कुछ वर्षों में लोग सुरक्षा के प्रति संजीदा हुए हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों के अलावा अपार्टमेंट एवं घरों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का चलन बढ़ा है। सिविल लाइंस, टैगोर टाउन, जार्जटाउन जैसे इलाकों में ज्यादातर घरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। नगर निगम की ओर से सुरक्षित शहर योजना के अंतर्गत इन कैमरों को भी कंट्रोल सेंटर से जोड़ने की योजना बनाई गई। ताकि, मुख्य मार्गों के अलावा लिंक सड़कों एवं गलियों पर भी 24 घंटे नजर रखी जा सके।
इस योजना के तहत शहरियों से भवनों, घरों के बाहर हिस्से में लगे कैमरों को कंट्रोल सेंटर से जोड़ने के लिए सहमति मांगी गई। नगर निगम की अपील पर इसके लिए 1088 लोग आगे आए हैं। नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि सहमति पत्र भरवाने के बाद सभी कैमरे परेड मैदान तथा पुलिस लाइन दोनों ही जगहों पर स्थित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ दिए गए हैं और संबंधित क्षेत्रों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
लोगों की निजता का भी रखा गया है ध्यान
इस योजना में शहरियों की निजता का भी ध्यान रखा गया है। लोगों के सिर्फ बाहरी कैमरे ही कंट्रोल रूम से लिंक किए गए हैं। इसके अलावा लोगों के कैमरों में आने वाले दृश्य कंट्रोल सेंटर में रिकाॅर्ड नहीं होंगे। संबंधित भवन में लगे डीवीआर में ही वीडियो रिकाॅर्ड होंगे। यानी, पुलिस को किसी समय के रिकाॅर्ड वीडियो की जरूरत पड़ती है तो संबंधित भवन स्वामी से संपर्क करना होगा।