केपी ट्रस्ट चुनाव से एक दिन पहले हुए बवाल में 170 आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। पुलिस फुटेज से असलहाधारियों को चिह्नित करने में जुटी है। मामला लूट, हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था।
24 दिसंबर को दिन में 2:30 से तीन बजे के बीच मेडिकल चौराहे के पास यह घटना हुई थी। पोस्टर फाड़ने को लेकर विवाद के बाद अघ्यक्ष पद के दो प्रत्याशियों सुशील कुमार सिन्हा व राघवेंद्र सिंह के समर्थक आपस में भिड़ गए थे। एक पक्ष से चंद्रभान श्रीवास्तव ने लूट, मारपीट समेत अन्य धाराओं में पांच को नामजद कराया था।
दूसरे पक्ष से कुमार नारायण ने 15 नामजद समेत 165 पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने मारपीट व गालीगलौज के साथ फायरिंग का भी आरोप लगाया। घटना के अगले तीन दिनों तक मतदान व मतगणना के चलते मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी। अब पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग असलहा लेकर दौड़ते नजर आए थे। उन्हें चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। पता लगाया जा रहा है कि उपद्रवियों के पास अवैध असलहे थे या लाइसेंसी। जार्जटाउन एसओ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।
वादी बोले-सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
मामले में दोनों मुकदमे के वादियों का कहना है कि सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एक पक्ष से मुकदमा दर्ज कराने वाले चंद्रभान श्रीवास्तव ने कहा कि वह 62 साल के हैं और बेरहमी से की गई पिटाई में उनकी आंख में गंभीर चोट आई है। दूसरे मुकदमे के वादी कुमार नारायण ने कहा कि वह चुनाव में व्यस्त हो गए थे। निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।