दुबई से क्रिप्टो करेंसी से मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले गिरोह का खुलासा प्रयागराज पुलिस ने किया। इसके सरगना के करीबी एजेंट कृष्णा अवतार सिंह को गिरफ्तार किया है।
यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग के जरिये करोड़ों की ब्लैक मनी को डिजिटल करेंसी में बदल रहा है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
प्रयागराज के पुलिस आयुक्त रमित शर्मा के मुताबिक, गिरफ्तार कृष्णा अवतार सिंह मूलरूप से मेजा के मदरा भगनपुर गांव का है। वर्तमान में लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में रहता है।
उसके कब्जे से एपल मैकबुक, पांच मोबाइल और जाली आधार कार्ड बरामद किया गया है। पूछताछ में कुबूला कि फेसबुक पर उसकी पहचान जय नाम के युवक से हुई।
उसने खुद को दुबई का रहने वाला बताया। उसे बिना कुछ किए लाखों कमाने का ऑफर दिया। जय के इशारे पर उसने प्रयागराज व आसपास के जिलों में कई लोगों के खाते खुलवाए।
उनका यूजर आईडी व पासवर्ड हासिल कर जय को भेजा। जय इन खातों में रुपये भेजता था। निर्देश देता कि यह रकम ऑनलाइन गेमिंग साइट्स पर हुई कमाई की है।
इन रुपयों से बाइनेंस एप के जरिये क्रिप्टो करेंसी टीथर (यूएसडीटी) खरीदे जाते थे। जय इसे अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर लेता था। इस तरह से करोड़ों की हेराफेरी की गई।
पुलिस के मुताबिक, कृष्णा अवतार परिचितों के अलावा सोशल मीडिया साइट्स पर बने विभिन्न ग्रुपों से भी खाते खरीदने का काम करता था। उसने अब तक 100 से ज्यादा खाते खरीदे थे।
बदले में एक फीसदी कमीशन मिलता था। इसमें से .03 फीसदी कमीशन खुद रखता था जबकि शेष .07 फीसदी खाताधारक को देता था। कुछ अन्य खातों को खरीदने के संबंध में ही बात करने वह प्रयागराज के जार्जटाउन गया था। इस बीच पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस आयुक्त के मुताबिक, आरोपी कृष्णा साथियों संग मिलकर बिना टैक्स भुगतान किए बड़े लेनदेन कर रहा था। संदेह है कि गिरोह मनी लॉन्ड्रिंग करता है। जार्ज टाउन थाने में केस दर्ज किया गया है। विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
पुलिस अफसरों के मुताबिक, बरामद मैकबुक की पड़ताल में कई अहम जानकारियां मिलीं। इसमें कई बैंक खातों का विवरण मिला।
इनमें से 20 खातों के स्टेटमेंट की जांच में पता चला कि 10 दिनों में ही इन खातों से 3.75 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। पूछताछ में आरोपी जय के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाया।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आकाश कुलहरि के मुताबिक, जय ने क्रिप्टो करेंसी को जिस वॉलेट में ट्रांसफर किया, उसके जरिये उसे ट्रेस करना बेहद मुश्किल है। दरअसल कई ऐसे वॉलेट हैं।
जिसमें अकाउंट के लिए केवाईसी की जरूरत नहीं होती। फिलहाल उसका सोशल मीडिया अकाउंट खंगाला जा रहा है।
अवैध गेमिंग वेबसाइट पर होता है काला कारोबार
क्रिप्टोकरेंसी के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग का खेल काला कारोबार अवैध गेमिंग वेब साइट्स पर होता है। प्ले प्लस के नाम से संचालित इस वेबसाइट से गिरोह करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक, बरामद मैकबुक से खातों की जानकारी मिली। पता चला कि प्रयागराज के अलावा उत्तराखंड, बिहार, महाराष्ट्र के कई बैंकों में खाते खोले गए हैं।
बीएससी पास कर रहा था हाईटेक खेल
पुलिस अफसरों के मुताबिक, कृष्ण अवतार बीएससी पास है। प्रयागराज में ही रहकर कई साल पहले बीएससी की पढ़ाई की थी। इसके बाद लखनऊ चला गया और एक कंपनी में डिजिटल मार्केटिंग का काम करने लगा। कोरोना में उसका काम मंदा पड़ गया। करीब छह महीने पहले वह सोशल मीडिया के जरिये जय के संपर्क में आया और उससे जुड़ गया।