फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहमति से संबंध बनाने वाले किशोरों के खिलाफ पॉक्सो का किया जा रहा दुरुपयोग: हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सहमति से संबंध बनाने वाले किशोरों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम का दुरुपयोग किया जा रहा है। न्यायालयों को अपने विवेक का उपयोग बुद्धिमानी से करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पॉक्सो के प्रयोग से अनजाने में उन किशोरों का नुकसान न हो, जिनकी रक्षा के उद्देश्य से इसे बनाया गया है। न्यायमूर्ति ने कृष्ण पहल ने सतीश उर्फ चांद की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की।
विज्ञापन

देवरिया निवासी सतीश उर्फ चांद पर थाना बरहज में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट सहित अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज कराया गया है। सतीश पर आरोप लगाया गया है कि उसने शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी को 13 जून 2023 को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। वह पांच जनवरी 2024 से जेल में बंद है। उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है।
याची अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि वह 18 वर्ष की थी। दोनों ने अपने माता-पिता की डर से भागकर एक मंदिर में शादी कर ली थी। दोनों एक ही गांव के हैं और पड़ोसी हैं। पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया है। वहीं, आरोपी अपने बच्चे का पालन-पोषण करना चाहता है। वह पत्नी और नवजात को अपने पास रखने के लिए इच्छुक है।
विज्ञापन

कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्काें को सुनने व तथ्यों का अवलोकन करने के बाद कहा कि कथित पीड़ित के बयान पर उचित विचार किया जाना चाहिए। यदि रिश्ता सहमति से, आपसी स्नेह पर आधारित है तो इसे जमानत और अभियोजन से संबंधित निर्णयों में शामिल किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि आवेदक को जमानत दी जाती है। क्योंकि, वह पत्नी(पीड़िता) एवं शिशु की देखभाल करने के लिए इच्छुक है। आवेदक रिहा होने की तिथि से छह माह में नवजात शिशु के नाम पर दो लाख रुपये की धनराशि जमा करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें