मलाक हरहर से म्योराबाद तक करीब 10 किमी लंबे निर्माणाधीन सिक्स लेन सेतु के टॉवरों पर करीब 180 फीट ऊंचाई पर रिवाल्विंग रेस्तरां और आर्ट गैलरी का निर्माण होगा। इस पर करीब तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेस्तरां में जहां लजीज व्यंजनों के स्वाद का संगम होगा, वहीं कला दीर्घा में कुंभ की संस्कृति के साथ ही प्रयागराज के धार्मिक स्थलों की झलक मिल सकेगी। इस रिवर गैलरी में प्रयागराज में लगने वाले कुंभ और माघ मेले के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक समागम की संस्कृति को शामिल करने की योजना है।
इस गैलरी में कुंभ के विहंगम दृश्य को देखने के साथ ही लोग प्रयागराज को भी एक नजर में निहार सकेंगे। यह इस गैलरी में पहुंचने के लिए दोनों तरफ कैप्सूल लिफ्ट लगाई जाएगी। इस लिफ्ट से कुछ सेकेंड में ही पर्यटक गैलरी तक पहुंच जाएंगे।
एनएचएआई से जुड़े एक अफसर ने बताया कि यह देश की पहली ऐसी रिवर आर्ट गैलरी होगी, जिसमें कुंभ की संस्कृति के दर्शन होंगे। प्रयागराज में प्रवेश करने से पहले इस गैलरी में इस आध्यात्मिक नगरी की संस्कृति और आतिथ्य सत्कार के साथ ही कला की झलक मिल जाएगी। शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों और अखाड़ों के नागा संन्यासियों की पेंटिंग और उनकी ध्यान-साधना से भी पर्यटक इस रिवर गैलरी में आकर परिचित हो सकेंगे। इस रिवर गैलरी में प्रयागराज में लगने वाले धार्मिक मेलों के भी दर्शन होंगे।