भगवतपुर ब्लॉक के जनका गांव की साधन सहकारी समिति बंद होने से किसान परेशान हैं। जहां कभी खाद-बीज के लिए किसानों की कतारें लगती थीं, वहां अब गोदामों में उपले, कंडे और लकड़ियों के ढेर लगे हैं। समिति बंद होने से जनका, मर्दानपुर, मनौरी, गोविंदपुर तेवारा समेत अन्य गांवों के करीब चार हजार किसान खाद-बीज के लिए भटक रहे हैं।समिति का भवन जर्जर हो चुका है। दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है। किसान राम बहादुर, विशेषर मौर्या, संतलाल कोरी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सुविधा न मिलने से उन्हें दूसरे गांव की समिति में खाद और बीज के लिए कतार लगानी पड़ती है।सहायक आयुक्त (सहकारी समितियां) साधना सिंह ने बताया कि भगवतपुर ब्लॉक की 13 बंद समितियों में जनका साधन सहकारी समिति को समापन सूची से बाहर रखते हुए जीर्णोद्धार की श्रेणी में रखा गया है। शासन से धनराशि मिलते ही समिति की मरम्मत कराकर संचालन शुरू कराया जाएगा। समिति से जुड़े किसानों को कसेंदा साधन सहकारी समिति से संबद्ध किया गया है।