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नए सत्र में पीएचडी प्रवेश में फंस सकता है पेच

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नए सत्र में पीएचडी प्रवेश में फंस सकता है पेच 0 मौजूदा सत्र में ही ज्यादातर विभागों में पूरी नहीं हुई प्रवेश प्रक्रिया 0 कहीं फीस का विवाद तो कहीं धांधली की शिकायत में फंसा प्रवेश। प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और इसके संघटक महाविद्यालयों में अगले सत्र 2020-21 में पीएचडी प्रवेश को लेकर पेच फंस सकता है। विश्वविद्यालय एवं संघटक महाविद्यालयों में अब तक मौजूदा सत्र का ही पीएचडी प्रवेश पूरा नहीं हुआ है। लॉक डाउन के कारण अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो गई है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजों में सत्र 2019-20 में ज्यादातर विषयों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। कभी फीस का विवाद रहा तो कभी आरक्षण को लेकर पेच फंस गया। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी वाणिज्य विभाग में पीएचडी प्रवेश में धांधली की शिकायत पर कुलपति ने प्रवेश निरस्त कर दिया था और नए सिरे से इंटरव्यू करा कर दोबारा प्रवेश कराने का आदेश दिया था। इसके अलावा अंग्रेजी विभाग समेत तमाम विभागों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती है, जबकि तीन माह बाद नए सत्र की शुरुआत हो जाएगी। इस बीच कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुए लॉक डाउन में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो गई है। विश्वविद्यालय और कॉलेजों में मौजूदा सत्र में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया समय से पूरी ना होने के कारण ज्यादातर सीटें खाली पड़ी हुई हैं। नए सत्र में पीएचडी प्रवेश तभी शुरू हो सकेगा जब मौजूदा सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, क्योंकि सीटों के हिसाब से ही अगले सत्र में संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) कराई जाएगी और अभी प्रवेश अधूरा होने के कारण पीएचडी सीटों का हिसाब-किताब तैयार नहीं किया जा सका है। यही वजह है कि पिछले दिनों विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी, उस वक्त पीएचडी प्रवेश का विकल्प नहीं दिया गया था। हालांकि लॉक डाउन के कारण ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई थी। माना जा रहा है कि मौजूदा सत्र की पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अगले सत्र के लिए क्रेट का आयोजन किया जाएगा। इन परिस्थितियों में अग ले सत्र में पीएचडी प्रवेश को लेकर पेच फंस सकता है। छात्र-छात्राओं के बीच भी प्रवेश को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
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