जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक अच्छा संकेत माना जा रहा है। पिछले एक साल में 41,370 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई है। इनमें 902 कारें शामिल हैं। ऑटोमोबाइल कंपनी भी इलेक्ट्रिक कारों की अधिक बिक्री पर जोर दे रही हैं।
बाजार में कुछ ऐसी इलेक्ट्रिक कारें भी उपलब्ध हैं जो 10 लाख रुपये से कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स और माइलेज दे रही हैं। यही कारण है कि अब मध्यमवर्गीय परिवारों में भी इलेक्ट्रिक कार खरीदने का चलन बढ़ गया है। सरकार की फेम टू स्कीम और पीएम ई-ड्राइव स्कीम के तहत मिल रही सब्सिडी ने इन गाड़ियों की कीमत को और भी किफायती बना दिया है। इसके अलावा लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों के रख-रखाव में आ रहा कम खर्च भी आकर्षित कर रहा है। ये पर्यावरण के लिहाज से भी सुरक्षित मानी जाती हैं।
नई-नई डिजाइन की कारें
बिना आवाज के सड़कों पर फर्राटा भर रहीं इलेक्ट्रिक कारों के कई नए मॉडल बाजार में मौजूद हैं। किसी कार का (स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल)
एसयूवी में मॉडन हैवी दिया गया है, तो कोई कार हैच बैक मॉडल की छोटी सी है।
ई-रिक्शा से अधिक बिकी स्कूटी
कार के अलावा ई रिक्शा और इलेक्ट्रिक स्कूटी की मांग बढ़ी है। इस साल ई-रिक्शा से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटी की मांग अधिक देखी गई है। जहां वर्ष 2024-25 में 33,126 ई- रिक्शा बिके हैं तो वहीं 3568 इलेक्ट्रिक स्कूटी आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हुई हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों के मॉडल और कीमत भी लोगों को पसंद आ रही है। यह पर्यावरण संरक्षण के लिए काफी उपयोगी है। -राजीव चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन