शीशगढ़। कुल्ली नदी पर बने ढकिया डैम से आवागमन बंद होने के बाद अब राहगीर जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए मजबूर हैं। पानी से होकर आवागमन की वजह से हादसे का खतरा भी बना हुआ है। कोई दूसरा विकल्प न होने की वजह से नदी पार करना मजबूरी है।
बल्लिया-शीशगढ़ मुख्य मार्ग से ढकिया डैम होते हुए नगरिया पुल को जोड़ने के लिए बनाई गई आठ किलोमीटर लंबी सड़क के बीच पड़ने वाले डैम पर लघु सेतु का प्रावधान नहीं किया गया है। लंबे समय से कुल्ली डैम की छत से होकर वाहन गुजरते हैं। करीब सौ साल पुराना स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त है। बीते दिनों डैम के पुल की रोड में दरार आ गई। हादसे की आशंका को देखते हुए रुहेलखंड नहर खंड की ओर से दीवार चुनवा कर सड़क से आवागमन बंद कर दिया गया है।
आवागमन बंद होने के बाद अब ग्रामीणों को धर्मपुरा बसई घाट पर बने पुल से होकर शेरगढ़ के लिए जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।
पहले से बंद है भारी वाहनों का आवागमन
डैम की छत कमजोर और संकरी होने की वजह से यहां से भारी वाहन पहले भी नहीं गुजर पाते थे। करीब आठ साल पहले ट्रैक्टर-ट्रॉली डैम से गिर गई थी। हादसे में बूंची निवासी अरविंद गंगवार घायल हो गए थे। यहां से हल्के वाहनों को ही गुजारा जाता था। अब दीवार बनाकर इनका आवागमन भी बंद करा दिया गया है।