कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से फर्जी दावे के जरिए 25,813 रुपये का भुगतान कराने के आरोप में एसीसी सीमेंट कंपनी के मुख्य प्रबंधक संजय कुमार पर केस दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर यह एफआईआर शाहगंज थाने में ईपीएफओ के प्रवर्तन अधिकारी कृष्ण मोहन वर्मा की तहरीर पर लिखी गई है।
कृष्ण मोहन अपर केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त, उत्तर प्रदेश सर्वोदय नगर कानपुर के नियंत्रणाधीन संचालित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार) क्षेत्रीय कार्यालय यूनाइटेड टावर, लीडर रोड प्रयागराज में तैनात हैं। उन्होंने तहरीर में बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज की आंतरिक लेखा परीक्षण के दौरान धोखाधड़ी पूर्ण अनियमित भुगतान के कुल 1672 मामले चिह्नित किए गए।
इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय के आंतरिक लेखा परीक्षा दल ने दो जांच समितियों का गठन किया। जिन्होंने प्रत्येक संदेहास्पद भुगतानों से संबंधित दावों की छानबीन की। दोनों जांच समिति ने कुल 57 संदेहास्पद मामलों की पहचान की, जिनमें से कुछ मामले मेसर्स एसीसी लिमिटेड टिकरिया इंडस्ट्रियल स्टेट ,अमेठी/छत्रपति शाहूजी महाराज नगर से संबंधित मिले।
इनमें संजय कुमार मुख्य प्रबंधक, मेसर्स एसीसी लिमिटेड की ओर से सदस्य दिनेश कुमार कश्यप पुत्र शिव प्रसाद के भविष्य निधि खाता संख्या (UP/ALD/25027/908) के दस्तावेजों काे प्रमाणित कर दावा प्रपत्र फार्म 19 से 51,743/- तथा फार्म 10 सी से 20,583/- की राशि के दावा से संबंधित प्रपत्रों को भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया। इसमें सदस्य दिनेश की मेसर्स एसीसी लिमटेड में नौकरी प्रारंभ की तिथि एक सितंबर 2008 तथा नौकरी छोड़ने की तिथि 31 जनवरी 2014 दर्शाई गई थी।
खास बात यह कि मुख्य प्रबंधक की ओर से इसी सदस्य के नाम से एक अन्य भविष्य निधि खाता संख्या (UP/ALD/25027/1038) के दावा प्रपत्र फार्म 19 से 17,913/- तथा फार्म 10 सी से 7960/- के दावा से संबंधित प्रपत्रों को भुगतान के लिए 27 नवंबर 2014 को प्रस्तुत किया गया। इसमें उसके नौकरी प्रारंभ की तिथि 01 मई 2011 तथा नौकरी छोड़ने की तिथि 31 सितंबर 2013 बताई गई।
एडीसीपी से कराई जांच
वादी का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद शाहगंज पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर उन्होंने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने इस मामले में एडीसीपी अपराध से जांच आख्या मांगी। जांच आख्या के अवलोकन से पाया कि मामला संज्ञेय प्रकृति का है जिसमें पुलिस से विवेचना कराई जानी चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने आदेशित किया तब जाकर शाहगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। एसीपी कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि विवेचना कराई जा रही है।