प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से यात्रियों के प्रवेश पर नो इंट्री रही। इस वजह से बहुत से यात्रियों को लंबा चक्कर काटकर सिटी साइड जाना पड़ा। अधिकांश यात्रियों का यही कहना था कि जब भीड़ ही नहीं है तो सिविल लाइंस साइड से प्रवेश पर रोक क्यों लगाई गई। इस दौरान ट्रेनों से उतरने वाले तमाम यात्री भी अपने लगेज आदि लेकर पैदल ही सिविल लाइंस की ओर गए। कुलियों ने भी इसका खूब फायदा उठाया और मनमाना रेट वसूला।
हमसफर एक्सप्रेस से प्रयागराज पहुंचे तुलारामबाग के संदीप गुप्ता ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद प्लेटफार्म नंबर छह की ओर ऑटो आदि न मिलने की वजह से उन्हें सामान लेकर बाहर नवाब युसूफ रोड तक पैदल ही आना पड़ा। कुलियों से बात की गई तो वह मुंहमांगा दाम मांग रहे थे।
किसी ने 300 तो किसी ने 400 रुपये मांगे। उधर नवाब युसूफ रोड साइड से जंक्शन पर प्रवेश के लिए भी दिन भर तमाम यात्री जद्दोजहद करते आए। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों से भी यात्रियों की खूब बहस हुई। यहां दोपहर दो बजे के आसपास संगम स्नान कर पहुंचे इटावा के राम लखन त्रिवेदी और उनके कुछ साथियों ने सिविल लाइंस साइड से जंक्शन पर प्रवेश करना चाहा, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। राम लखन ने कहा कि वह संगम से पैदल ही चलकर आए हैं।
अब और चलने की हिम्मत नहीं है। कृपया सिविल लाइंस साइड से ही प्रवेश करने दिया जाए, लेकिन वहां सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि सिटी साइड से ही जाकर वह प्रवेश करे। थक हारकर राम लखन वहीं पास में ही कुछ देर बैठ गए। बाद में सिटी साइड का रास्ता वह लोगों से पूछते नजर आए। इस दौरान वहां पहुंचे तमाम लोगों का यही कहना था कि जब भीड़ ही नहीं है तो रास्ता क्यों बंद किया जा रहा है। फिलहाल सोमवार की रात 12 बजे तक सिविल लाइंस साइड से प्रवेश का रास्ता बंद रहा।