दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सहसों क्षेत्र के कई गांवों में धान की सैकड़ों बीघा तैयार फसल खेतों में गिर गई। खेतों में बिछी फसल देखकर किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। थानापुर गांव निवासी हरिनाम सिंह बघेल की करीब सात बीघा धान की फसल पूरी तरह खेत में गिर गई।उन्होंने बताया कि खेत पहुंचकर फसल की स्थिति देखी तो आंखों से आंसू निकल आए। पूरी मेहनत बर्बाद हो गई है। अब फसल में दाना पड़ने की संभावना भी कम है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। गांव के रंगपाल सिंह की ढाई बीघा और रामजी सिंह की धान की फसल भी तेज हवा और बारिश के कारण खेत में गिर गई। बगई कला गांव निवासी दिनेश प्रताप सिंह की पांच बीघा, राम कैलाश की ढाई बीघा और कमलेश प्रताप सिंह की पांच बीघा धान की फसल भी खेत में बिछ गई है। सेमरी गांव निवासी मानिकचंद पटेल की करीब तीन बीघा फसल के साथ आनंद पटेल, सर्वेश पटेल, रमाशंकर पटेल, गिरजा शंकर और गुलाब समेत कई किसानों की धान की फसल बारिश और तेज हवा की चपेट में आ गई। बसमहुआ गांव निवासी प्रेमचंद मौर्य और धनीराम तथा जगबंधनपुर निवासी जय सिंह ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी तैयार हुई थी। अच्छी प्रजाति के धान की खेती की गई थी और समय-समय पर बारिश होने से फसल की स्थिति बेहतर थी। कटाई से ठीक पहले तेज हवा और बारिश ने तैयार फसल को खेत में गिरा दिया। किसानों ने प्रशासन और सरकार से फसलों का सर्वे कराकर बारिश और तेज हवा से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।