प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर जाम करते परिजन।
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औद्योगिक थाना क्षेत्र के समोगर में सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस की चपेट से दो मजदूरों की मौत हो गई थी। शनिवार को शव पोस्टमार्टम के बाद लाया गया तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ घर वालों ने शव को मुंगारी गांव के सामने मिर्जापुर- प्रयागराज हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई। ग्रामीण जमीन का पट्टा और आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं। अधिकारी समझाने में जुटे हैं।
सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने उतरे दो लोगों की दम घुटने से हुई थी मौत
औद्योगिक क्षेत्र के नेवादा समोगर में शुक्रवार को एक निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक के अंदर शटरिंग खोलने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई थी। एसीपी करछना, औद्योगिक क्षेत्र पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टैंक से दोनों शव बाहर निकाले गए। एक ही गांव के रहने वाले दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे थे। पुलिस ठेकेदार और भवन मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
नेवादा समोगर निवासी धर्मेंद्र केसरवानी ने अपने मकान में सेप्टिक टैंक बनवाया था। दो सप्ताह पूर्व इसकी छत की ढलाई हुई थी। ठेकेदार अभय राज शटरिंग खुलवाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र के बैंदो गांव निवासी निहाल शुक्ला उर्फ जीतू (34) पुत्र स्व. मथुरा प्रसाद शुक्ला और रजत शुक्ला (33) पुत्र विनोद शुक्ला को लेकर आया था।
सुबह करीब 10 बजे दोनों मजदूर टैंक के अंदर शटरिंग खोलने उतरे। थोड़ी देर बाद दम घुटने से दोनों बेहोश हो गए। भवन मालिक व ठेकेदार उन्हें बाहर निकालने का प्रयास करने लगे। लेकिन, असफल रहने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह, औद्योगिक क्षेत्र पुलिस व फायर ब्रिगेड नैनी की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की टीम जब तक दोनों को टैंक से बाहर निकालती तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।