इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाल कल्याण समिति प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ.अखिलेश कुमार मिश्रा की बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर दिया है। कहा कि बर्खास्तगी का आदेश बिना किसी विधिक आधार के, मनमाना और दुर्भावनापूर्ण तरीके से पारित किया गया है। न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।
याची अखिलेश मिश्रा के वकील सुभाष राठी ने दलील दी कि समाचार पत्रों में जगवंती देवी बाल गृह में अंतःवासियों के शारीरिक और यौन उत्पीड़न को लेकर एक समाचार प्रकाशित हुआ था। याची पर मीडिया को सूचना लीक करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद दो सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट पर एक नवंबर 2022 को याची को बर्खास्त कर दिया गया।
आदेश पारित करते समय पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। पॉक्सो एक्ट के अनुसार अध्यक्ष पर कार्रवाई शासन की ओर से गठित समिति की जांच रिपोर्ट पर ही की जा सकती है। याची को जांच रिपोर्ट बिना उपलब्ध कराए, बिना पक्ष जाने कार्रवाई की गई।
हाईकोर्ट ने कहा कि याची के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई है। बर्खास्तगी आदेश पारित करते समय नियमों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने बर्खास्तगी की कार्रवाई को बिना किसी विधिक आधार के करार देते हुए रद्द कर दिया है।