कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से लॉकडाउन के बीच शनिवार को इस्लामिक माह शाबान की एक तारीख को जनाबे जैनब और तीन तारीख को हजरत इमाम हुसैन की यौम- ए- विलादत ब सआदत के मौक़े पर भीड़ से परहेज करते हुए ऑनलाइन महफिल में शेयरों ने खूब दाद बटोरी। यह महफिल एडीजी बागपत आबिद शमीम की अध्यक्षता में हुई। शायर रौनक़ सफीपुरी के आह्वान पर देश के कई नामी शायरों ने एक से बढ़ कर एक कलाम वॉयस रिकार्डिंग ,विडियो क्लिप व टेक्स्ट मैसेज के जरिए शेयर किया। उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव सैयद मोहम्मद अस्करी की पहल पर शायर अनीस जायसी व रौनक़ सफीपुरी ने दिन भर फोन से शायरों से संपर्क कर उन्हें शाम पांच से रात नौ बजे तक ऑनलाइन महफिल मे शरीक होने का न्योता दिया। महफिल का संचालन अनीस जायसी ने करते हुए एक- एक शायर के अशआर को ग्रुप पर शेयर कर एक अनोखी महफिल की बुनयाद डाली।सभी ने एक दूसरे के अशआर पर जहां दाद दी,वहीं ग्रुप पर शामिल लोगों ने अनोखी महफिल का आनंद उठाया। फिल्म अभिनेता व शायर सलीम जैदी उर्फ टिल्लू ,मंजर भोपाली,बेताब हल्लौरी,नायाब बलयावी,चंदन सान्याल,अमान हैदर उर्फ अमन दुबई ,तालिब इलाहाबादी दुबई,डॉ क़मर आब्दी,तूफान इलाहाबादी,तनवीर जौनपुरी,शमीम इलाहाबादी वेहली,क़मर जौनपुरी,मीसम हैदरी रायपुरी,अफरोज दतियावी,हसन फतेहपुरी,सुहैल बस्तवी,फखरी मेरठी,अंजुम जाफरी देहलवी ने हजरत इमाम हुसैन व जनाबे जैनब की यौम -ए -विलादत पर ऑनलाइन महफिल में तरन्नुम व ग़ैर तरन्नुम में कलाम पढ़ कर अकीदत का इजहार किया। अंत में मौलाना सैयद मोहम्मद अली गौहर ने हजरत इमाम हुसैन और उनकी बहन जनाबे जैनब की यौमें पैदाइश पर सजी महफिल में ऑनलाइन तक़रीर की।जिक्रे मासूमीन ग्रुप में हिंदू धर्म गुरु स्वामी सारंग भी बतौर अतिथि जुड़े रहे।