राजीव ने ही उपलब्ध कराई थी पीडीएफ
एसटीएफ की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि अरुण ने ही 11 फरवरी को हल प्रश्न पत्र आरओ/एआरओ परीक्षा शुरू होने के पूर्व कई लोगों को भेजा गया था। पूछताछ में उसने बताया था कि उसे उक्त पेपर जीडी मेमोरियल स्कूल, पारा लखनऊ के मैनेजर सौरभ शुक्ला निवासी लखनऊ, मूल पता ग्राम- शिवचरन का पुरवा मजरा नरियांवा थाना महेशगंज तहसील कुंडा जनपद प्रतापगढ़ ने दिया। एसटीएफ ने उसी दिन यानी 14 मार्च को ही सौरभ को बुलाकर पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि उसने ही अरुण को यह पेपर दिया था।
यह भी खुलासा किया कि उसे 11 फरवरी को सुबह सात बजे अजय शर्मा ने व्हाट्सअप से पेपर का पीडीएफ भेजा था। इसमें सामान्य अध्ययन और हिन्दी का प्रश्न पत्र था। सबसे अहम बात यह है कि साैरभ ने बताया था कि उसे जिस अजय शर्मा ने पेपर भेजा, उसने ही यह भी बताया कि उसे यह पेपर राजीव नयन मिश्रा निवासी प्रयागराज ने भेजा था। जानकारों का कहना है कि अब तक कि जांच में साफ है कि राजीव नयन ने ही अजय शर्मा को प्रश्नपत्र की पीडीएफ उपलब्ध कराई। जिसके बाद उसने इसे आगे बढ़ाया। अजय अब तक पकड़ा नहीं जा सका है जबकि राजीव नयन गिरफ्त में है। ऐसे में उससे पूछताछ में बेहद अहम खुलासे हो सकते हैं।
सिविल लाइंस पुलिस भी कर सकती है पूछताछ
सूत्रों का यह भी कहना है कि राजीव नयन से सिविल लाइंस पुलिस भी पूछताछ कर सकती है। दरअसल आरओ/एआरओ परीक्षा लीक प्रकरण में उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया गया है। इस केस में एसटीएफ की अब तक की जांच के अनुसार राजीव नयन का नाम ही उस आखिरी व्यक्ति के तौर पर आया है, जिसने पेपर लीक कराया। यह संभव है कि आगे और भी कोई नाम आए लेकिन फिलहाल वह ही मुख्य संदिग्ध है। ऐसे में सिविल लाइंस पुलिस भी उससे पूछताछ कर सकती है। हालांकि इस मामले में पुलिस अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका इतना ही कहना है कि विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।