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लॉक डाउन खत्म होने के बाद भी सभी फ्लाइट नहीं भर पाएंगी उड़ान

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प्रयागराज। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए गए लॉक डाउन के खत्म होने के बाद भी एविएशन सेक्टर और विमानन कंपनियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। बताया जा रहा है कि लॉक डाउन खत्म होने के बाद भी यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से 30 से 40 फ़ीसदी फ्लाइट ही शुरू की जाएंगी। इनका भी संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा, जबकि प्रयागराज जैसे छोटे शहरों से विमानन कंपनियां 20 फ़ीसदी तक ही उड़ान भर पाएंगी। प्रयागराज से ऐसे शहर जहां कोरोना का संक्रमण ज्यादा है वहां के लिए फ्लाइट पहले चरण में शुरू नहीं की जाएगी। कोरोना वायरस के चलते एविएशन सेक्टर को हर रोज करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। वर्तमान में देश में तकरीबन 4000 घरेलू फ्लाइटों का संचालन होता है। प्रयागराज की बात करें तो यहां यहां से अभी नियमित रूप से 8 फ्लाइट विभिन्न शहरों के लिए संचालित हैं। लॉक डाउन पार्ट 2 यूं तो 3 मई को खत्म होगा ,लेकिन डीजीसीए ने सभी विमानन कंपनियों को अभी कहीं की भी बुकिंग ना करने को कहा है। कुछ कंपनियों ने 4 मई से बुकिंग शुरू भी की थी लेकिन अब बुकिंग बंद कर दी गई है। यह भी कहा गया है कि लॉक डाउन खत्म होने के बाद जब भी फ्लाइट संचालन शुरू होगा तब सभी फ्लाइटों को एक साथ नहीं चलाई जाएंगा। फ्लाइटों का संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। लॉक डाउन के दौरान ऐसे शहर जहां कोरोना के कई मामले सामने आए, उन शहरों के लिए पहले चरण में फ्लाइट संचालन शुरू नहीं किया। उदाहरण के लिए मुंबई , दिल्ली और पुणे में इस समय कोरोना के काफी केस सामने आए हैं। ऐसे में प्रयागराज से इन तीनों शहरों के लिए लॉक डाउन ख़त्म होने के तुरंत बाद फ्लाइट शुरू होने की संभावना काफी कम है। ------------------------- ------------------- लॉक डाउन के बाद डीजीसीए की गाइडलाइन बन सकती है बाधा - लॉक डाउन खत्म होने के बाद डीजीसीए की गाइडलाइन फ्लाइट संचालन में बाधा बन सकती है। नियम है कि एक पायलट को 30 दिन की अवधि के अंदर तीन लैंडिंग और तीन टेकऑफ का अनुभव होना चाहिए। लेकिन लॉक डाउन की वजह से पिछले माह 25 मार्च से सभी घरेलू उड़ान बंद चल रही हैं। 3 मई होते होते यह आंकड़ा 40 दिन का हो जाएगा। ऐसे में तमाम पायलट विमान सेवा शुरू होने के बाद डीजीसीए की गाइडलाइन के अनुसार उड़ान के लिए योग्य नहीं होंगे। इस संबंध में विमानन कंपनियां डीजीसीए के अफसरों से लगातार संपर्क कर रही हैं।
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