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Prayagraj News: सुबूत न आधार... वीरावती की हत्या का हो गया खुलासा

Fri, 08 Sep 2023 02:21 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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शाही। थाना क्षेत्र के गांव सेवा ज्वालापुर में 23 अगस्त को हुई वीरावती की हत्या का बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। गांव के ही रहने वाले मिश्रीलाल उर्फ एमएल राजपूत को जेल भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि घटना वाले दिन वीरावती के बच्चों ने आरोपी को खेत से निकलते देखा था। हालांकि, आरोपी ने हत्या की बात कबूल नहीं की है। पुलिस ने खुलासे की जो कहानी पेश की है, उसमें भी कई झोल हैं। पुलिस न तो हत्या की कोई वजह स्पष्ट कर पाई और न ही कोई सबूत जुटा पाई पाई।
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वीरावती (38) का शव उनके ही जेठ के गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। वह घर से फसल में उर्वरक और दवा का छिड़काव करने जाने की बात कहकर निकली थीं। काफी देर तक जब वह नहीं लौटीं तो बेटी दुर्गेश और सुमन उनकी तलाश करने पहुंचीं। पुलिस का दावा है कि दोनों ने आरोपी को वीरावती की हत्या करने के बाद भागते हुए देखा। आरोप है कि उसने बच्चियों को शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
डर की वजह से बच्चियों ने किसी को जानकारी नहीं दी। शाही थाने के प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र भड़ाना ने बताया कि घटना के तीन दिन बाद बच्चियों ने पिता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को बताया। जांच के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
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पुलिस की कहानी में कई झोल
-पुलिस का दावा है कि घटना वाले दिन वीरावती की बच्चियों ने आरोपी को हत्या करने के बाद खेत से निकलते देखा था। आरोपी ने दोनों को धमकी दी थी। सवाल यह है कि उन्होंने तुरंत ही इसकी जानकारी परिजनों को क्यों नहीं दी? तीन दिन बाद बच्चियों ने पिता को बताया तो उन्होंने भी पुलिस को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी?
-शाही में छठवीं हत्या के बाद पुलिस पर जब दबाव बना तो इन खुलासों के लिए विशेष टीमें लगाई गईं। पुलिस ने खुलासे में करीब दो सप्ताह का समय लगाया। इसके बाद भी ऐसा कोई सबूत बरामद नहीं किया जो हत्या के खुलासे की कहानी को पुष्ट करे।
पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन आरोपी कुर्ता-पायजामा पहनकर खेतों की ओर गया था मगर लौटा तो नेकर और बनियान पहने हुए था। सवाल यह है कि कुर्ता-पायजामा गया कहां? वीरावती का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आसपास के खेतों में बड़ी बारीकी से सुबूत जुटाने के प्रयास किए थे। उस दौरान कुर्ता-पायजामा कहीं पड़ा क्यों नहीं मिला?
जब बच्चियों ने हत्या करने के तुरंत बाद आरोपी को भागते देखा तो क्या ऐसा भी संभव है कि वह कुर्ता-पायजामा छिपाने कहीं और गया होगा, फिर घटनास्थल पर दोबारा आकर वहां से भागा होगा। और बच्चियों ने उसे देख लिया।

आरोप: दो महीने पहले की थी अभद्रता
खुलासे के दौरान पुलिस ने बताया कि आरोपी ने खेत जाते समय दो महीने पहले वीरावती से अभद्रता की थी। वीरावती ने इसकी जानकारी अपनी बहन के बेटे को दी थी। हालांकि, उस दौरान पुलिस से कोई शिकायत नहीं की गई थी।

वर्जन : घटना के दो-तीन दिन बाद ही परिवार ने मिश्रीलाल पर आरोप लगाया था। पुलिस तभी से मिश्रीलाल और इसी परिवार के एक और व्यक्ति से जुड़ाव मानकर जांच कर रही थी। मिश्रीलाल के खिलाफ साक्ष्य ज्यादा पुष्ट मिले तो उसे बैठाकर पूछताछ की गई। तब उसने आरोप स्वीकार कर लिया। गांव में उसकी आम शोहरत ठीक नहीं है। कुछ साल पहले वह अपनी साली की दुष्कर्म के बाद हत्या को लेकर भी चर्चा में रहा पर कोई शिकायत न होने पर तब मामला दब गया था। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी ग्रामीण
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