इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनएचएआई को तीन सप्ताह में याचियों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह भी कहा कि आदेश का पालन न होने पर एनएचएआई के निदेशक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताएंगे कि क्यों न उनसे मुआवजा राशि को ब्याज और हर्जाने के साथ वसूला जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की अदालत ने ऋषि कुमार गुप्ता और दो अन्य की याचिका पर दिया है।
गोरखपुर निवासी ऋषि कुमार गुप्ता व अन्य ने याचिका दाखिल कर एनएचएआई से मुआवजा देने की मांग की थी। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि एनएचएआई की आपत्ति को जिला न्यायाधीश गोरखपुर ने 15 मार्च 2024 को मध्यस्थता और सुलह अधिनियम के तहत खारिज कर दिया था। इसके बावजूद अब तक याचिकाकर्ताओं को मुआवजा नहीं दिया गया है। जबकि, एनएचएआई के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश नहीं है। कोर्ट ने दलीलों को सुनने और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद एनएचएआई को याचिकाकर्ताओं को तीन सप्ताह के अंदर मुआवजा राशि देने का आदेश दिया है।